ताज़ा ख़बर

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट घोटालाः भाजपा के जाल में फंस गए आप नेता रत्नेश मिश्रा?

पूरी कहानी समझने के लिए चित्र पर क्लिक कर वीडियो देखें नई दिल्ली। बहुचर्चित श्रीराममंदिर ट्रस्ट घोटाले की जांच करने, हकीकत सामने लाने, सच्चाई से जनता को रूबरू कराने के बजाय जिम्मेदारों द्वारा दूसरा ही खेल खेला जा रहा है। आम आदमी पार्टी के जिस सांसद संजय सिंह ने घोटाले को उजागर करते हुए आरोप लगाया था अब उन्हीं के खिलाफ उनकी ही पार्टी के एक नेता को खड़ा कर दिया गया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं आप नेता रत्नेश मिश्रा की, जो संजय सिंह की ही पोल खोलने में लगे हुए हैं। रत्नेश मिश्रा किसके कहने पर संजय सिंह के खिलाफ आग उगल रहे हैं। रत्नेश कहीं घोटालेबाजों क चंगुल में तो नहीं फंस गए हैं। 14 जून तक भाजपा और आरएसएस को राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराने वाले रत्नेश मिश्रा अचानक आप सांसद संजय सिंह के खिलाफ क्यों हो गए। रत्नेश मिश्रा ने कहा जमीन खरीदने के मामले में मंदिर ट्रस्ट को संजय सिंह बदनाम कर रहे हैं। मैं गोंडा जनपद का रहने वाला हूं, इसलिए साजिशन मुझे दिल्ली से अयोध्या में संतों को बीजेपी और ट्रस्ट के विरुद्ध तैयारी करने के लिए भेजा गया था। रत्नेश मिश्रा की भाषा को समझिए। यह स्वतःस्फूर्त तो नहीं ही हैं। कहा जा रहा है कि रत्नेश मिश्रा कथित तौर पर मंदिर ट्रस्ट और भाजपा के लोगों की जाल में फंस गए हैं। इसीलिए संजय सिंह के खिलाफ अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। रत्नेश मिश्रा का सुर अचानक क्यों बदल गया। यह बड़ा सवाल है। अभी भारतीय राजनीति में राममंदिर ट्रस्ट घोटाला सबसे हॉट टॉपिक बना हुआ है। इस मामले को सामने लाने में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। मगर अब उन्हीं की पार्टी के यूथ विंग प्रवक्ता ने उन्हें राम विरोधी और झूठा करार दे दिया है। राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन में बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाने वाले आप नेता संजय सिंह पर उन्हीं की पार्टी के नेता रत्नेश मिश्र हमलावर हो गये हैं। संजय सिंह के खिलाफ एक प्रेस कांफ्रेंस में रत्नेश मिश्रा ने कहा कि जमीन खरीदने के मामले में मंदिर ट्रस्ट को संजय सिंह बदनाम कर रहे हैं। 19 जून को पत्रकारों से बात करते हुए रत्नेश मिश्रा ने कहा कि अयोध्या पहुंचकर मुझे लगा कि संजय सिंह पाप कर रहे हैं। ट्रस्ट के कामों में राजनीति चमकाने को लेकर संजय सिंह का ओछा बयान आस्था पर प्रहार है। मेरे खुद के पिता रमेश चंद्र मिश्र का निधन कारसेवा के दौरान हुआ था। शायद मुझसे अधिक आम आदमी पार्टी में किसी ने भी राम मंदिर के लिए कुर्बानी दी होगी। रत्नेश मिश्रा ने कहा मैं सीएम अरविंद केजरीवाल का सच्चा सिपाही हूं। उन्होंने कहा कि संजय सिंह को पार्टी से निकलवाने की मांग करूंगा। अब समझिए असली बात। सवाल यह उठता है कि जो रत्नेश मिश्रा 14 जून तक ट्वीट कर रहे थे कि राम मंदिर ट्रस्ट में जमीन खरीदने में भाजपाइयों ने घोटाला किया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों को घोटालेबाज बता रहे थे। वो अचानक 19 जून को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर संजय सिंह को झूठा बताकर ट्रस्ट को पाक साफ क्यों बताने लगे। इतना ही नहीं रत्नेश मिश्रा ने अपने ट्वीटर हैंडल से संजय सिंह के तमाम ट्वीटस रिट्वीट किये हैं, फिर उन्हें अचानक संजय सिंह राम विरोधी और पार्टी फंड चुराने वाले क्यों नजर आने लगे। हालांकि इस मामले में अब आप पार्टी के यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष फैसल वारसी भी सामने आ गये हैं। उनकी मानें तो रत्नेश मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण 3 फरवरी को ही निष्कासित किया जा चुका है। खैर, जो भी हो। लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि रत्नेश मिश्रा कथित तौर पर भाजपा और संघ के चंगुल में फंस गए हैं। शायद इसीलिए आप सांसद संजय सिंह के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।
Next
This is the most recent post.
Older Post
  • Blogger Comments
  • Facebook Comments

0 comments:

Post a Comment

आपकी प्रतिक्रियाएँ क्रांति की पहल हैं, इसलिए अपनी प्रतिक्रियाएँ ज़रूर व्यक्त करें।

Item Reviewed: श्रीराम मंदिर ट्रस्ट घोटालाः भाजपा के जाल में फंस गए आप नेता रत्नेश मिश्रा? Rating: 5 Reviewed By: newsforall.in