गोरखपुर। जीवन को सुखद बनाने की श्रेष्ठ कथा है श्रीमद भागवत कथा। ऐसे धार्मिक आयोजन करना कराना और उसमें शामिल होने वाले के लिए यह अति पूण्यकारी सिद्ध होता है। उक्त बातें ग्राम भस्मा में चल रहे गणपति मित्र मंडल द्वारा आयोजित गणपति महोत्सव में वृंदावन धाम से पधारी दीक्षा हरिप्रिया शुक्ल ने भागवत कथा के प्रवचन में कही।
उन्होंने कहा कि जो नर नारी भगवत कथा का श्रवण सहृदय मन लगाकर करता है, ईश्वर उसके सभी पापों का हरण करते हैं। साथ ही जिस नगर में भगवत कथा का पाठ होता है उस नगरी में भगवान का वास होता है। कथा सुनने से भक्ति आती है, बैराग आता है और अंततः जीवन का अंत होकर मोक्ष धाम की प्राप्ति हो जाती है। जिस प्रकार बीमार आदमी को औषधि देने से रोग से मुक्ति मिल जाती है उसी प्रकार भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मोह माया से भी मुक्ति मिल जाती है। भागवत कथा में प्रमुख रुप से आयोजक बृजेश मणि त्रिपाठी, साधुशरण पाण्डेय, दीपक पाण्डेय, गौतम पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय धराधाम, हरिकेश निषाद, राधेश्याम पाण्डेय, हौसिला पाण्डेय, रामभजन पाण्डेय, उपेंद्र पाण्डेय, तेजू पाण्डेय, रणजीत पाण्डेय, कविता शिवानी, नेहा राममिलन यादव, अम्बेश्वरी पाण्डेय आदि लोग उपस्थित थे।
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