
बोंगाईगांव। सशस्त्र सीमा बल, सेक्टर हेडक्वार्टर, बोंगाईगांव, असम में आयोजित दो दिवसीय इंटर-सेक्टर श्वान प्रतियोगिता आज विजेता श्वानों के चयन एवं पुरस्कार वितरण के साथ सम्पन्न हो गई। इसमें सेक्टर रंगिया और सेक्टर बोंगाईगाँव के श्वानों ने भाग लिया। इस अवसर पर एस.एस.बी. बोंगाईगांव सेक्टर के उप-महानिरीक्षक अमित कुमार ने कहा की श्वान एवं मनुष्य की मित्रता आदिकालीन है। श्वान पहला पशु है जिसे आदमी ने पाषाण काल में पालतू बनाया और अपने घर में रखना शुरू किया। तब से श्वान आदमी का सबसे भरोसेमन्द साथी है। आज मनुष्य ने विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में काफी प्रगति कर ली है इसके बावजूद श्वान आज भी समाज विरोधी आपराधिक तत्वों की पहचान कर मनुष्य की मदद कर रहा है। श्वान अपराधियों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की पहचान कर नागरिकों की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करता है। सशस्त्र सीमा बल का श्वान दस्ता भी कुशल एवं प्रशिक्षण प्राप्त है और यह पूरे समर्पण से देश की सेवा कर रहा है। एसएसबी श्वान दस्ते ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर कई जगहों पर लोगों के जान माल की है।
दो दिवसीय इंटर सेक्टर श्वान प्रतियोगिता में विस्फोटक पहचान मे पहला स्थान छ्ठी वाहिनी, रानीघुली के श्वान गिनी और दूसरा स्थान 32वीं वाहिनी, हावली के श्वान ‘डकी’ को मिला । मादक पदार्थ पहचान में पहला स्थान 15वीं वाहिनी के श्वान ‘ग्लॉसी’ को मिला। प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ का खिताब श्वान 15वीं वाहिनी के श्वान ग्लॉसी को मिला। इंटर सेक्टर श्वान प्रतियोगिता की टीम चैम्पियन सशस्त्र सीमा बल, सेक्टर हेडक्वार्टर, बोंगाईगांव रहा। समापन समारोह में धन्यवाद ज्ञापन डॉ.टीएस सिंह, सहायक कमांडेंट (पशु चिकित्सा) ने किया ।
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