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टोयोटा ने तमिलनाडु में किया ड्राइविंग स्कूल का विस्तार के साथ ‘ड्राइव राइट-ड्राइव सेफ‘ की भावना को दिया बढ़ावा

चेन्नई। अपने सुरक्षा मिशन ’सेफेस्ट कर विद सेफेस्ट ड्राइवर’ की दिशा में आगे बढ़ते हुए, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने चेन्नई में कंपनी के दूसरे “टोयोटा ड्राइविंग स्कूल“ (टीडीएस) के शुभारंभ की घोषणा की। इसका प्रबंधन एक टोयोटा डीलरशिप- हर्षा टोयोटा द्वारा किया जाएगा। यह टोयोटा की दूसरी टीडीएस सुविधा (चेन्नई, तमिलनाडु में दूसरा ड्राइविंग स्कूल भी) और भारतभर में कंपनी का आठवां ड्राइविंग स्कूल है। टोयोटा ड्राइविंग स्कूल के लाॅन्च के मौके पर थिरु के. पेरिआइया, आईपीएस - अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक), चेन्नई ने बतौर मुख्य अतिथि और थिरू आई. ईश्वरन - पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक-चेन्नई पश्चिम) ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर श्री एम. हर्षवर्धन, डीलर प्रमुख - हर्षा टोयोटा और श्री एन. राजा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और निदेशक - टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की गरिमामय उपस्थिति भी दर्ज की गई। देश में सड़क सुरक्षा संस्कृति में सुधार करने के लिए, कंपनी के सुरक्षा मिशन के अनुरूप टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतभर में कोच्चि, लखनऊ, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, फरीदाबाद और विजयवाड़ा सहित सात अन्य ड्राइविंग स्कूल खोले हैं। कंपनी के ‘सेफेस्ट कार विद सेफेस्ट ड्राइवर‘ विजन के एक हिस्से के रूप में, देश में अपनी तरह के अनूठे ’टोयोटा ड्राइविंग स्कूल’ का सबसे अधिक जोर प्रत्येक छात्र को एक जिम्मेदार और सुरक्षित चालक बनाने पर रहेगा। स्कूल में पाठ्यक्रम के रूप में एक व्यापक चालक प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल होगा, जिसमें ड्राइवर सिम्युलेटर मैकेनिज्म जैसे उच्च गुणवत्ता वाले, व्यावहारिक और भविष्य के अनुकूल प्रशिक्षण मॉडल होंगे। ये ‘इटियोस अनुभव‘ उपलब्ध कराएंगे। इस अनुभव को यथासंभव वास्तविक बनाने के लिए, टोयोटा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में असली इटियोस कार के उपकरण पैनल (आईपी), स्टीयरिंग और सीट जैसी सुविधाओं को शामिल किया है। पाठ्यक्रम में उक्त विषयों को शामिल किया जायेगा। जिनमें ट्रैफिक मैनेजमेंट, नियम एवं अनुशासन, सुरक्षित एवं सही ड्राइविंग अवधारणा, ड्राइवर का रवैया और उत्तरदायित्व, सड़क पर उतरने से पहले असली वाहनों में ड्राइविंग का प्रशिक्षण, सड़क पर व्यवहारिक ड्राइविंग के सभी पहलू, विभिन्न सड़कों और मौसमी स्थितियों के अनुकूल ड्राइविंग, अपनी कार के बारे में जानें- बेसिक मेंटेनेंस और रिपेयर, आपातकालीन प्रबंधन, व्यवस्थित मूल्यांकन और फीडबैक आदि शामिल है। इस नए टोयोटा ड्राइविंग स्कूल के शुभारंभ के अवसर पर हर्षा टोयोटा के डीलर प्रमुख श्री एम. हर्षवर्धन ने टिप्पणी करते हुये कहा, ‘देश में सुरक्षित कारें और सुरक्षित सड़कें सुनिश्चित करने के लिए टोयोटा की निरंतर जारी कोशिशों में सहभागी बनना हमारे लिए सम्मान की बात है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किए गए अध्ययनों के मुताबिक, तमिलनाडु उन राज्यों में से एक है, जहां पिछले साल सबसे अधिक संख्या में सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। 2016 में चेन्नई में 7,486 दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिसके चलते इसे सबसे खतरनाक सड़कों वाले शहर के रूप में देखा गया है। यह गंभीर चिंता का मामला है और नागरिकों को जिम्मेदार सड़क उपयोगकर्ता बनने के लिए जागरूकता फैलाने हेतु सड़क सुरक्षा पर व्यापक ध्यान देने की मांग करता है। इस पहल के साथ हम इस मुद्दे के समाधान के लिए अपने प्रत्येक छात्र के मन में सड़क पर जिम्मेदारीभरा व्यवहार करने की बात बिठाने और शहर के ड्राइवरों में सुरक्षित व सजग वाहन चालन की आदत डालने की उम्मीद करते हैं।‘ इस अवसर पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और निदेशक - सेल्स एवं मार्केटिंग श्री एन. राजा ने कहा, ‘सड़क हादसों के कारणों पर मंथन करने से पता चलता है कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की चिंताजनक दर के पीछे इंसानी गलतियां अकेली सबसे बड़ी वजह है। ऐसे में, अच्छी गुणवत्ता वाले ड्राइविंग स्कूलों की स्थापना इसके समाधान के लिए सबसे अच्छे उपायों में से एक है। सड़क का इस्तेमाल करने वालों के व्यवहार में सुधार लाने के लिए हमें व्यवस्थित ढंग से सुरक्षा संबंधी शिक्षण-प्रशिक्षण दिए जाने की दरकार है।‘ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने टोयोटा में ’सेफेस्ट कार विद सेफेस्ट ड्राइवर’ के अपने मिशन के अनुरूप, देशभर में ड्राइविंग स्कूल स्थापित किए हैं। टोयोटा ड्राइविंग स्कूल देश में अपनी तरह के एकमात्र प्रशिक्षण केंद्र हैं, जिनका पूरा ध्यान हर छात्र को एक जिम्मेदार और सुरक्षित चालक बनाने पर केंद्रित होता है। यहां पेशेवर प्रशिक्षकों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण के माध्यम से विश्व स्तरीय तकनीक और भविष्य के अनुकूल प्रशिक्षण मॉड्यूल्स से परिचित कराया जाता है। सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण वाले एक सर्व-समावेशी पाठ्यक्रम के साथ, हमारा विश्वास है कि हम सभी के लिए एक सुरक्षित भविष्य बनाने की खातिर अपने ड्राइविंग स्कूलों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण चालक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। इसके अलावा, सिम्युलेटर की भी अपनी कई विशेषताएं हैं। यह कंप्यूटर जनित त्रिआयामी छवियों वाले कव्र्ड प्रोजेक्शन परिवेश में पूर्ण हाई डेफिनिशन कंप्यूटर ग्राफिक्स वाला भारत का पहला कार सिम्युलेटर है। यह देश में असली कार गियर सहित वास्तविक संपूर्ण कार केबिन वाला पहला सिम्युलेटर भी है। इसके अलावा, यह नौसिखिए और दक्ष, दोनों तरह के चालकों के प्रभावी प्रशिक्षण और विस्तृत सत्रों के लिए स्थानीय भाषा की व्यापक सुविधा भी देता है।‘ सिम्युलेटर इस शिक्षण कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा है, जो व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराता है। यहां प्रशिक्षु सड़क पर असली वाहन चलाने से पहले स्टीयरिंग, एक्सीलरेटर, ब्रेक और गियर जैसे कार के तमाम नियंत्रणों के संचालन का अभ्यास कर सकते हैं। ये सिम्युलेटर कोहरा, धीमी रोशनी, ऊंचे और ढलवां इलाके जैसी सड़क और मौसम संबंधी विभिन्न परिस्थितियां भी निर्मित कर सकते हैं। शुरुआत करने वालों के लिए जहां एक सामान्य लर्निंग पैकेज होगा, वहीं ’टोयोटा ड्राइविंग स्कूल’ अतिरिक्त लर्निंग मॉड्यूल्स में लचीलेपन की पेशकश भी करेगा, ताकि सीखने वाले अपनी पसंद के पाठ्यक्रम की रूपरेखा बना सकें। भारत में टोयोटा ड्राइविंग स्कूल के शुभारंभ के साथ, कंपनी का उद्देश्य मानवीय त्रुटि के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को कम करना है। ट्रेनिंग माॅड्यूल में तकनीकी विशेषज्ञता का समावेश किया जायेगा। देश भर में सुरक्षा को लेकर जागरुकता पैदा करने के लिए व्यावहारिक कौशल को भी उन्नत बनाया जायेगा। टोयोटा ड्राइविंग स्कूल ने अब तक 3,000 से अधिक विद्यार्थियों को दाखिला दिया है। वर्ष 2020 तक कंपनी की योजना देश में इस तरह के 50 स्कूल खोलने की योजना बनाई है जोकि हमारी यातायात सुरक्षा प्रतिबद्धता को मजबूत करेंगे। अपने गहन सुरक्षा मिशन के अनुरूप, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर 2005 से लगातार विभिन्न अखिल भारतीय अभियानों के माध्यम से सड़क सुरक्षा पहलों से जुड़ा हुआ है। सबसे सुरक्षित कारें बनाने की प्रतिबद्धता के अलावा, कंपनी के पास समग्र सुरक्षा प्रोग्राम भी हैं जोकि भारत में सड़क सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करते हैं। सुरक्षा के मामले में नेतृत्वकर्ता के रूप में, टोयोटा ने 2007 में टोयोटा सेफ्टी एजुकेशन प्रोग्राम (टीएसईपी) की शुरुआत की थी। इसका लक्ष्य सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चरणबद्ध ढंग से बढ़ते हुए स्कूल के बच्चों और शिक्षकों को सिखाना और इस तरह सारी जानकारियों को अंततः आम जनता तक पहुंचाना है। ‘टोयोटा सेफ्टी एजुकेशन प्रोग्राम‘ के एक हिस्से के रूप में टोयोटा ने अब तक पूरे भारत में लगभग 6,80,000 स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया है। भारतीय सड़कों पर सबसे सुरक्षित चालकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए, टीकेएम ने 2014 से हैदराबाद, बेंगलुरु और दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एयरपोर्ट टैक्सी ड्राइवरों के लिए इसी तरह के चालक प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए हैं। सड़क सुरक्षा जागरूकता को लेकर सीएसआर पहल के तहत आयोजित इस अभियान में अब तक 6,000 से ज्यादा वाहन चालक हिस्सा ले चुके हैं। इस पहल के माध्यम से टोयोटा का लक्ष्य ड्राइवरों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर एक प्रबल भाव पैदा करना और उन्हें सड़कों पर सुरक्षित वाहन चालन का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करता है। सबसे सुरक्षित कारें: इटियोस अपने सेगमेंट में पहली कार है जिसमें चालक और यात्री दोनों के लिए मानक एयर बैग्स लगाए गए हैं। कंपनी ने ‘न्यू प्लैटिनम इटियोस‘ के साथ सुरक्षा का एक मानदंड स्थापित किया। यह उद्योग में पहली कार है जिसने टोयोटा के सभी माॅडलों और सभी ग्रेड्स में इलेक्ट्राॅनिक ब्रेक-फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन के साथ एंटी-लाॅक ब्रेकिंग सिस्टम को मानकीकृत किया। इसके अतिरिक्त, बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी माॅडलों एवं सभी ग्रेड्स के लिए नये ड्युअल आइसोफिक्स चाइल्ड सीट लाॅक्स भी दिये गये। इस कार ने यात्री सुरक्षा के लिहाज से सेगमेंट लीडर्स के तौर पर अपनी पोजीशन को प्रमाणित किया है। इटियोस को वर्ष 2016 के लिए ग्लोबल एनसीएपी क्रैश टेस्ट एडल्ट आॅक्यूपेंट सेफ्टी में 4 स्टार दिये गये।
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