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गुरमेहर कौर बनी टाइम की 'फ्री स्पीच वॉरियर'

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा गुरमेहर कौर को टाइम मैगजीन ने नेक्स्ट जेनरेशन लीडर्स 2017 लिस्ट में शामिल किया है. गुरमेहर इस लिस्ट में शामिल होने वाली अकेली भारतीय हैं. मैगजीन ने उन्हें 'फ्री स्पीच वॉरियर' का टाइटल भी दिया है. साल 2017 के अप्रैल में गुरमेहर कौर ने सोशल मीडिया पर स्टूडेंट्स अगेंस्ट एबीवीपी और सेव दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे कैंपेन चलाए थे. इसके बाद 2016 में सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए गुरमेहर के एक वीडियो पर कंट्रोवर्सी भी हुई. इसमें उन्होंने कहा था- 'मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, बल्कि जंग ने मारा था.' गुरमेहर कौर के इस वीडियो पर काफी विवाद हुआ था. पहले वीडियो ‘पाकिस्तान ने नहीं, युद्ध ने मेरे पिता को मारा’ के संदर्भ वाले वीडियो पर पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और अभिनेता रणदीप हुड्डा ने गुरमेहर के खिलाफ टिप्पणियां की थी. गुरमेहर के खिलाफ सहवाग व हुड्डा की टिप्पणी पर देश के चर्चित राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने अपनी जबर्दस्त नाराजगी जाहिर की थी तथा सोशल मीडिया पर खूब फटकार लगाई थी। तहसीन पूनावाला द्वारा सहवाग और हुड्डा को कठघरे में खड़ा करने पर उनकी (तहसीन पूनावाला) पूरे देश में तारीफ हुई थी। इस बाबत तहसीन पूनावाला के ट्वीट को हजारों लोगों ने लाइक और रिट्वीट किया था। गुरमेहर लेडी श्रीराम कॉलेज में इंग्लिश लिटरेचर की स्टूडेंट हैं. वे मूल रूप से जालंधर की रहने वाली हैं. पिता कैप्टन मंदीप सिंह राष्ट्रीय राइफल्स के कैम्प में तैनात थे. करगिल जंग के दौरान वे शहीद हो गए थे. उस वक्त गुरमेहर महज 2 साल की थीं. गुरमेहर ने कहा था 'आज मैं भी सिपाही हूं, अपने पिता की तरह. मैं भारत और पाकिस्तान के बीच शांति हो इसके लिए लड़ाई लड़ रही हूं.' अगर दोनों देशों के बीच युद्ध नहीं हुआ होता तो आज मेरे पिता हमारे साथ होते. उन्होंने यह भी कहा था कि मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट हूं और एबीवीपी से नहीं डरती हूं. मैं अकेली नहीं हूं, भारत का हर स्टूडेंट मेरे साथ है.'
राजीव रंजन तिवारी (संपर्कः 8922002003)
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