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विधायकों के कहने के बावजूद लालू यादव से 19 साल पुरानी दोस्ती नहीं तोड़ेंगे राहुल गांधी

नई दिल्ली। राजद और कांग्रेस की दोस्ती दशकों पुरानी है। खासकर सोनिया गांधी से लालू यादव की निकटता 19 साल पुरानी है, जब 1998 में मुलायम सिंह यादव समेत कई नेता सोनिया गांधी के पीएम बनने पर ऐतराज जता रहे थे तब लालू ने अकेले ना केवल सोनिया का विदेशी मूल के मसले पर बचाव किया था बल्कि उन्हें देश की बहू कहकर संबोधित किया था और पीएम पद संभालने को कहा था। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दो दिनों तक बिहार के कांग्रेसी विधायकों के साथ चिंतन-मंथन करने के बाद स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी लालू यादव का साथ नहीं छोड़ेगी। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि बिहार कांग्रेस में आने वाले दिनों में बदलाव देखने को मिलेगा। सूत्रों ने बताया कि 27 में से 19 विधायकों ने दो दिनों की मुलाकात में राहुल गांधी को बताया कि बिहार में लालू यादव अब कांग्रेस के लिए बोझ बन गए हैं। इन विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को यह समझाने की कोशिश की कि बेनामी संपत्ति मामले में फंसे लालू परिवार अब कांग्रेस के लिए फलदायी नहीं हैं। लिहाजा, उनसे दोस्ती तोड़ने में ही भलाई है लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने उनकी बातों को दरकिनार कर 19 साल पुरानी दोस्ती को बरकरार रखने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी की भी विदाई जल्द होने वाली है क्योंकि पार्टी में आशंकित फूट के लिए कई विधायकों ने सीधे तौर पर उन्हें ही दोषी ठहराया है। इधर, अशोक चौधरी ने कल (07 सितंबर को) एनडीटीवी से बातचीत में इस हालात के लिए केंद्रीय नेताओं खासकर सीपी जोशी को जिम्मेदार ठहराया था। बतौर चौधरी, जोशी नहीं चाहते कि वो प्रदेश अध्यक्ष रहें, इसलिए उन्होंने पार्टी नेतृत्व के मन में उनके खिलाफ हवा भरी है। बता दें कि राजद और कांग्रेस की दोस्ती दशकों पुरानी है। खासकर सोनिया गांधी से लालू यादव की निकटता 19 साल पुरानी है, जब 1998 में मुलायम सिंह यादव समेत कई नेता सोनिया गांधी के पीएम बनने पर ऐतराज जता रहे थे तब लालू ने अकेले ना केवल सोनिया का विदेशी मूल के मसले पर बचाव किया था बल्कि उन्हें देश की बहू कहकर संबोधित किया था और पीएम पद संभालने को कहा था। महागठबंधन की सरकार में अशोक चौधरी शिक्षा मंत्री थे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से काफी नजदीक थे। कई मौकों पर उनकी ये नजदीकियां उजागर होती रही हैं। 49 साल के चौधरी पिछले चार साल से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। एनडीटीवी से उन्होंने अपने कार्यकाल को पार्टी के लिए बेहतरीन करार देते हुए कहा था, “मेरे प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल में पार्टी के विधायकों की संख्या विधानसभा में 4 से बढ़कर 27 तक पहुंची, जबकि विधान परिषद में यह आंकड़ा जीरो था जो बढ़कर 6 हो गया है।”
कांग्रेस ने बताया क्यों बार-बार विदेश जा रहे हैं राहुल गांधी 
देश में 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और इन चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। वहीं कांग्रेस इन चुनावों में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ा काम सौंपने जा रही है। खबरों के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस राहुल गांधी को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाकर चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। पिछले एक महीने से राहुल गांधी के कई विदेशी दौरे लग रहे हैं जिनके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि ये राहुल गांधी के स्टडी टूर हैं जिनसे उन्हें नए आइडिया और टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी मिल सके। इस महीने के शुरुआत में राहुल ने नोर्व का दौरा किया था जहां पर उन्होंने पोलर इंस्टीट्यूट, प्रौद्योगिकी केंद्र Mongstad,जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी सुविधा, और उद्यमियों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठकें शामिल थीं। इन बैठकों में राहुल गांधी ने नागरिक मुद्दे से लेकर नॉर्वे के तेल संपत्ति तक के मुद्दों पर चर्चाएं की थीं। इसके बाद अब राहुल सिलिकॉन वैली जाने की तैयारी कर रहे हैं जहां पर वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शोधकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इंडिया टुडे के मुताबिक इसके बाद राहुल बर्केले स्थित कैलिफॉर्निया विश्वविद्यालय में एक कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे जिसमें वे ‘India at70: Reflection On The Path Forward’के ऊपर भाषण देंगे। जहां एक तरफ कुछ नेता अतीत को लेकर मुद्दे बना रहे हैं वहीं राहुल गांधी जैसा नेता देश के भविष्य के बारे में सोच रहा है। राहुल देश में नई सोच और आइडिया लाना चाहते हैं। गांधी परिवार के वंशज को ‘नए विचार’ लाने में सक्षम होने के लिए कठोर रूप से शिक्षित किया जा रहा है। राहुल के विदेशी स्टडी टूर पर बात करते हुए पार्टी के जनरल सेक्रेटरी सीपी जोशी ने कहा कि इन टूर से राहुल को काफी फायदा पहुंचेगा। नई तकनीकों को समझने और पहचानने के बाद राहुल नई नीतियों को प्रभावित करने में सक्षम होंगे। इसके बाद सीपी जोशी ने कहा कि हमने देखा है कि कैसे दुर्भावनापूर्ण नीति ने देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना कुछ सोचे समझे नोटबंदी लागू की जिसके परिणाम के बारे में उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा। एक अच्छा नेता हमेशा पहले विकास करने के बारे में सोचता है। प्रधानमंत्री के बारंबार विदेशी टूर के बावजूद विदेशी नीति गड़बड़ा गई है। आज के समय में देश की अर्थव्यवस्था अपंग हो गई है।साभार जनसत्ता
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