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नॉन-वेज के शौकीन वेंकैया नायडू बने एनडीए के उप राष्ट्रंपति पद के उम्मीदवार, 18 जुलाई को करेंगे नामांकन

नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू का अब उप राष्ट्रपति बनना लगभग तय है। भाजपा संसदीय बोर्ड ने उन्हें अपना उम्मीदवार चुन लिया है। आंकड़े उनके पक्ष में हैं और संख्या बल के मुताबिक वह विपक्ष के उम्मी दवार गोपाल गांधी को आसानी से हरा देंगे। राष्ट्रेपति उम्मीसदवार के लिए भी वेंकैया का नाम चल रहा था, लेकिन तब अटकलें गलत निकलीं। इस बार कयास सच साबित हुए। राष्ट्रकपति के लिए उत्तलर भारतीय उम्मींदवार चुना गया, तो उपराष्र्् पति के लिए दक्षिबण भारतीय नेता का चयन कर भौगोलिक संतुलन बनाने की कोशिश की गई है, एसा प्रतीत हो रहा है। वेंकैया आंध्र प्रदेश के हैं। वह चार बार राजस्थाकन से राज्यसभा सांसद बने हैं। दक्षिोण मूल के साथ-साथ राजस्था्न कनेक्श न होना उनके हक में गया। वेंकैया नायडू को संसदीय काम काज का बड़ा अनुभव रहा है। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में भूमिका निभाने के अलावा उन्होंदने बतौर राज्यासभा सांसद चार बार निर्वाचित होने का सौभाग्यन पाया है। अभी भी वह राजस्था न से ही राज्य्सभा सांसद हैं। वह 1998, 2004,2010 और 2016 में राजस्थाअन से राज्य सभा सांसद बने। यह अनुभव उन्हें बतौर राज्य सभा सभापति (जो भूमिका पदेन उप राष्ट्रपति निभाते हैं) काफी काम आएगा। वेंकैया नायडू भाजपा के पुराने सिपाही रहे हैं। इतने लंबे समय से पार्टी में रहते हुए भी कभी किसी बड़े विवाद में नहीं पड़े। हर मौके पर उन्हें अच्छा पद मिलता रहा। पार्टी में भी और सरकार में भी। वेंकैया 1980 से 1983 के बीच भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे। 1980 से 1985 तक वह आंध्र प्रदेश में भाजपा विधायक दल के नेता भी रहे। 1988 से 1993 तक उन्हें आंध्र भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वह केंद्रीय स्तर पर पार्टी में आए। 1993 से 2000 तक वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे। जुलाई 2002 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने। तब उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा। दिसम्बर 2002 में उन्हें अध्यमक्ष पद से हटा दिया गया। उन्होंने चुपचाप फैसला माना। जनवरी 2004 में उन्हें फिर मौका मिला, लेकिन इस बार भी अक्टूबर तक ही उनके पास पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी रही। इस बीच अप्रैल 2005 और जनवरी 2006 में भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे। 1996 से 2000 के बीच उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की भी भूमिका निभाई। वेंकैया नायडू अनुभवी होने के साथ नरेंद्र मोदी के वरिष्ठ सहयोगियों में से एक है। बताया जाता है कि राजनाथ सिंह, सुषमा स्व्राज, अरुण जेटली के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें ही वैल्यूप देते हैं। उनकी उम्र भी 70 के करीब होने वाली है (जन्म तिथि: 1 जुलाई, 1949)। इस लिहाज से भी उनके लिए यह मुफीद वक्त है उप राष्ट्रपति बनने का। देश में कई ऐसे उदाहरण हैं कि उपराष्ट्र पति ही राष्ट्रपति बनाए गए हैं। इस लिहाज से भी उनके लिए संभावना बनती देखी जा सकती है। अगले राष्ट्रपति चुनाव के वक्त वह 73 साल के होंगे। जैसा कि कुछ लोग राष्ट्रपति भवन को ‘रिटायरमेंट होम’ मानते हैं तो उनके नजरिए से वेंकैया वहां के लिए तब योग्य‍ उम्मीदवार होंगे। बशर्ते उन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाए और तब भी संख्या बल के मामले में एनडीए की स्थिति आज जैसी ही हो। वेंकैया नायडू को मांसाहारी भोजन विशेष रूप से पसंद हैं। हालांकि इस बात का उनके उप राष्ट्र पति पद का उम्मीदवार चुने जाने से कोई लेना-देना नहीं है। एक बार बीजेपी अध्येक्ष अमित शाह ने रविवार को लंच का आयोजन किया था, जिसमें पहुंचे नायडू यह कहते सुने गए कि ‘संडे मतलब बिरयानी डे’ होता है। बीफ पर प्रतिबंध को लेकर छिड़ी बहस के बीच नायडू ने साफ स्वीकार था कि वे मांसाहारी हैं। उन्हों ने कहा था, ”कुछ पागल लोग ऐसी बातें करते रहते हैं कि भाजपा सभी को शाकाहारी बनाना चाहती है। यह लोगों की पसंद है कि वह क्या खाना चाहते हैं और क्या नहीं।”  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठाया उत्तर-दक्षिण का तालमेल 
भारतीय जनता पार्टी ने संसदीय बोर्ड की बैठक में उपराष्ट्र पति पद के उम्मीादवार के चयन पर माथापच्चीत हुई। भाजपा नेताओं के बीच वेंकैया नायडू के नाम पर सहमति बनी। नायडू केंद्रीय मंत्रि्मंडल में वरिष्ठा हैं और पार्टी में भी शीर्ष स्त र के नेता है। दक्षिण के कई राज्योंत में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में दक्षिण से नायडू को उपराष्ट्र पति पद का उम्मीबदवार बनाना उसी दिशा में लिया गया फैसला माना जा रहा है। अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रें स में कहा कि एनडीए के सभी दलों को विश्वा स में लेने के बाद यह फैसला किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”एक किसान के बेटे, वेंकैया नायडू के पास सार्वजनिक जीवन में वर्षों का अनुभव है और राजनैतिक जगत में उनका सम्माान किया जाता है।” एनडीए के सदस्य् और आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, ”अनुभवी और वेटरन वेंकैया नायडू उपराष्ट्ररपति की भूमिका के लिए हर मायने में उपयुक्ते हैं।” मध्यट प्रदेश के मुख्यरमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”एक किसान का बेटा अगला उपराष्ट्रजपति बनेगा, वेंकैयाजी एक समर्पित व्ययक्ति हैं। ये बेहद हर्ष की बात है।” राष्ट्रेपति की तरह, बीजेपी के उपराष्ट्रकपति उम्मीीदवार के चुने जाने की पूरी संभावना है। दक्षिण की कई पार्टियों के समर्थन से सरकार के उम्मीादवार को जीतने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। विपक्ष की तरफ से महात्माक गांधी के पोते गोपाल कृष्णो गांधी को उम्मी दवार बनाया गया है। बीजेपी उम्मीफदवार 18 जुलाई को नामांकन करेंगे। 5 अगस्त को चुनाव होगा। दूसरी तरफ, देश के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सोमवार को संसद भवन और सभी राज्यों की विधानसभाओं में शाम 5.0 बजे मतदान संपन्न हो गया तथा निर्वाचक मंडल के अधिकांश सदस्यों ने मत डाले। राष्ट्रपति चुनाव के मतदान के लिए कुल 32 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें से एक मतदान केंद्र संसद भवन के कमरा संख्या-62 और शेष प्रत्येक राज्य की विधानसभाओं में बनाए गए थे। राष्ट्रपति चुनाव में 776 सांसदों और 4,120 विधायकों को मत डालने का अधिकार था तथा निर्वाचक मंडल के कुल मतों की कीमत 10,98,903 है।
छात्र नेता से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार तक का सफर 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में हुई सोमवार को हुई भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल की बैठक में आगामी उप राष्ट्रपति चुनाव पद के लिए एनडीए उम्मीदवार के रूप में वेंकैया नायडू के नाम की घोषणा की गई है। इस बैठक में जेपी नड्डा ने वेंकैया नायडू के नाम का प्रस्ताव रखा। राजनीति तथा राजनयिक अध्ययन में ग्रेजुएशन करने वाले वेंकैया नायडू 1974 में आंध्र विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए। वैंकेया का जन्म 1 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के चावटपलेम के एक कम्मा परिवार में हुआ था। उन्होंने वीआर हाई स्कूल नेल्लोर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और वीआर कॉलेज से राजनीति तथा राजनयिक अध्ययन में ग्रेजुएशन पूरी की। उन्होंने ग्रेजुएशन प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और इसके बाद उन्होंने आन्ध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम से लॉ की डिग्री हासिल की। 1974 में वह आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुये। कुछ दिनों तक वे आंध्र प्रदेश के छात्र संगठन समिति के संयोजक भी रहे। वेंकैया नायडू की पहचान हमेशा एक आंदोलनकारी नेता के रूप में रही है। वे 1972 में 'जय आंध्र आंदोलन' के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। उन्होंने इस दौरान नेल्लोर के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए विजयवाड़ा से आंदोलन का नेतृत्व किया। छात्र जीवन में उन्होने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लिया। वह आपातकाल के विरोध में सड़कों पर उतर आए और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आपातकाल के बाद वह 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2002 से 2004 तक उन्होने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का उतरदायित्व निभाया। वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे और वर्तमान में वे भारत सरकार के अंतर्गत शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्मूगलन तथा संसदीय कार्य मंत्री है। साभार जनसत्ता/हिन्दुस्तान
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