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सांप्रदायिक नजरिये के खिलाफ लड़ाई है राष्ट्रपति चुनावः सोनिया

जानें राष्ट्रपति चुनाव का पूरा गणित, वोटिंग 17 जुलाई को
नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस चुनावी मुकाबले को संकीर्ण, विभाजनकारी और सांप्रदायिक नजरिये के खिलाफ लड़ाई करार दिया है। राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार मीरा कुमार और गोपाल कष्ण गांधी की मौजूदगी में विपक्षी नेताओं को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि इन मुकाबलों में संख्याबल उनके खिलाफ हो सकता है, लेकिेन लड़ाई लड़ी जाएगी और जमकर लड़ी जाएगी। सोनिया ने कहा, हम भारत को ऐसे लोगों का बंधक नहीं बनने दे सकते जो इस पर एक संकीर्ण, विभाजनकारी और सांप्रदायिक नजरिया थोपना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण के लिखित रूप के मुताबिक, उन्होंने कहा, हमें अब सबसे ज्यादा सजग रहना होगा कि हम कौन हैं, अपनी आजादी की लड़ाई में हम किसलिए लड़े और हम अपने लिए कैसा भविष्य चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम जिन मूल्यों में यकीन करते हैं, उन पर हमारा विश्वास होना चाहिए। यह चुनाव विचारों का टकराव, असमान मूल्यों का संर्ष है। यह चुनाव अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की मांग करता है ताकि उस भारत को बचाया जा सके जिसके लिए महात्मा (गांधी) और स्वतंत्रता सेनानियों, जिसमें हजारों आम पुरूष एवं महिलाएं थीं, ने लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि मीरा कुमार और गोपाल कष्ण गांधी का समर्थन करने के लिए अलग-अलग पाटर्यिों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि एक समावेशी, सहनशील और बहुलवादी भारत के लिए लड़ाई अब सही मायने में छेड़ी जा चुकी है। राष्ट्रपति चुनाव सोवार को होने वाले हैं जबकि उप राष्ट्रपति पद के लिए पांच अगस्त को मतदान होगा।  
जानें राष्ट्रपति चुनाव का पूरा गणित 
भारत के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सोमवार, 17 जुलाई को मतदान होना है। इसके लिए चुनाव आयोग ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच सीधा मुकाबला है। राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में विभिन्न दलों की स्थिति देखी जाए तो विपक्ष की मीरा कुमार पर राजग प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। रामनाथ कोविंद को सत्तारूढ़ राजग के साथ-साथ जनता दल यू, बीजू जनता दल (बीजद), अन्नाद्रमुक, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सहित कई छोटे दलों का समर्थन प्राप्त है, वहीं मीरा कुमार के पक्ष में कांग्रेस सहित 17 दल हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की कोशिश है कि उनके उम्मीदवार कोविंद को ज्यादा से ज्यादा वोट मिले। राष्ट्रपति चुनाव में क्षेत्रीय दलों की भूमिका अहम रहती है। भारत में राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति के चयन का जिम्मा इलेक्टोरल कॉलेज पर होता है। इलेक्टोरल कॉलेज में निर्वाचित सांसदों के अलावा राज्यों और अपनी विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के विधायक शामिल होते हैं। एक विधायक के वोट का मूल्य=राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की कुल आबादी (1971 की जनगणना के मुताबिक)/संबंधित विधानसभा के कुल निर्वाचित सदस्यx1000। एक सांसद के वोट का मूल्य=सभी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों का कुल वोट मूल्य/संसद के दोनों सदनों के कुल निर्वाचित सदस्य।
विधायक
कुल विधानसभा सीटें: 4,120 वोटों का कुल मूल्य : 5,49,495 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कुल वोट मूल्य • आंध्र प्रदेश : 27,825 • अरुणाचल प्रदेश : 480 • असम : 14,616 • बिहार : 42,039 • छत्तीसगढ़ : 11,610 • गोवा : 800 • गुजरात : 26,754 • हरियाणा : 10,080 • हिमाचल प्रदेश : 3,468 • जम्मू-कश्मीर : 6,264 • झारखंड : 14,256 • कर्नाटक : 29,344 • केरल : 21,280 • मध्य प्रदेश : 30,130 • महाराष्ट्र : 50,400 • मणिपुर : 1,080 • मेघालय : 1,020 • मिजोरम : 320 • नगालैंड : 540 • ओडिशा : 21,903 • पंजाब : 13,572 • राजस्थान : 25,800 • सिक्किम : 224 • तमिलनाडु : 41,184 • तेलंगाना : 15,708 • त्रिपुरा : 1,560 • उत्तराखंड : 4,480 • उत्तर प्रदेश : 83,824 • पश्चिम बंगाल : 44,394 • दिल्ली : 4,060 • पुदुचेरी : 480  
लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के वोटों का कुल मूल्य
सांसद कुल सांसद : 776 (लोकसभा 543 और राज्यसभा 233) वोटों का कुल मूल्य : 5,49,408 दोनों सदनों के वोटों का मूल्य लोकसभा : 3,84,444 राज्यसभा : 1,64,964  
इलेक्टोरल कॉलेज के कुल सदस्य : 4,896 (सांसद 776 और विधायक 4,120) इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्यों का कुल वोट मूल्य : 10,98,903 जीत के लिए जरूरी वोट : 5,49,452 (हालांकि यह चुनाव में पड़े कुल वैध वोटों पर निर्भर करेगा)  
किसमें कितना दम • एनडीए (भाजपा, शिवसेना, टीडीपी, अकाली दल, लोजपा, पीडीपी, रालोसपा, बीपीएफ, एनपीएफ, एजीएफ सहित 10 अन्य) : 5,37,614 • विपक्ष (कांग्रेस, तृणमूल, सपा, सीपीआई (एम), बसपा, जदयू, राजद सहित 14 अन्य राजनीतिक दल) : 4,02,230 • अनिश्चित (अन्नाद्रमुक, बीजद, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस, आप, आईएनएलडी) : 1,59,038  
पार्टियों का वोट प्रतिशत • भाजपा : 40% • तेलुगु देशम पार्टी : 3% • शिवसेना : 2% • अन्य : 12% • अन्नाद्रमुक : 5% • बीजू जनता दल : 3% • सीपीआई (एम) : 2% • तेलंगाना राष्ट्र समिति : 2% • वाईएसआर कांग्रेस : 2% • तृणमूल कांग्रेस : 6% • द्रमुक : 2% • जदयू : 2% • राजद : 2% • सपा : 2% • कांग्रेस : 15% कोई भी राजनीतिक दल अपने सांसदों और विधायकों को किसी प्रत्याशी के लिए वोट करने का व्हिप नहीं जारी कर सकता है। कोई भी मनोनीत सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं कर सकता है, क्योंकि उसे राष्ट्रपति ही राज्यसभा के लिए नामित करता है। साभार हिन्दुस्तान
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