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सपा की रजत जयंती समारोह में निशाने पर रही भाजपा और बसपा

लखनऊ। जनेश्वर मिश्र पार्क में समाजवादी पार्टी की रजत जयंती मनी। मुलायम, अखिलेश, शिवपाल समेत पार्टी के दिग्गज और बाहर से आए कद्दावर नेता मंच पर मौजूद थे। शिवपाल ने इस मौके पर कहा कि नेताजी की मेहनत और संघर्ष के कारण ही पार्टी तीन बार सत्ता में आई। उन्होंने कहा, मेरा कितना भी अपमान कर लेना। कितनी भी बार बर्खास्त कर लेना। मुझे मुख्यमंत्री कभी नहीं बनना। अखिलेश यादव मुझसे जितना प्यार मांगोगे देने के लिए तैयार हूँ। खून भी देने को तैयार हूँ। उन्होंने कहा, मेरे विभागों में आपसे कम अच्छा काम नहीं हुआ है। हम लोगों के बीच में कुछ घुसपैठिये घुस गए हैं। अखिलेश यादव मेरा चाहे जितना अपमान कर लेना। सब बर्दाश्त कर लूँगा। लेकिन नेता जी का अपमान मैं क्या पूरा प्रदेश और समाजबादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। शिवपाल ने कहा, कुछ लोग चापलूसी के बल पर सरकार में पूरा मजा लेते रहे। ऐसे लोग भाग्य से सब कुछ पा जाते हैं। पार्टी के बहुत से लोग उपेक्षित रह गए। मेरा काम सरकार में किसी से कम नहीं रहा। मेरे को सीएम बनने की कोई इच्छा नहीं है। चाहे मेरा कितना ही अपमान क्यों न हो, चाहे मेरे को बर्खास्त कर दिया जाये पर मैं नेता जी का अपमान सहन नहीं करूँगा। कुछ भी मांग लो मै उफ़ तक नहीं करूँगा। इससे पहले लालू यादव जब मंच पर आए तो अखिलेश ने उनके पैर छुए। अखिलेश ने बेनी प्रसाद के भी पैर छुए। शिवपाल के पैर छूने के बाद अखिलेश और वह बातें करते हुए दिखे। अखिलेश के साथ डिंपल यादव भी मंच पर दिखाई दीं। एशिया के सबसे बड़े मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। सपा लखनऊ में जोरदार समारोह कर अपनी ताकत का एहसास कराना चाहती है। माना जा रहा है कि यहां से यूपी चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन की राह भी निकल सकती है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के कहने पर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव गैर भाजपाई व गैरकांग्रेसी नेताओं को इस आयोजन में लाने की कवायद कई दिनों से कर रहे हैं। मुलायम की कोशिश है कि सभी समाजवादी पार्टियों को एक छतरी के नीचे लाया जाए और यूपी के चुनाव में भाजपा के खिलाफ मजबूत गठजोड़ पेश किया जाए। सूत्र बता रहे हैं कि इन दलों के नेता सपा के आंतरिक घमासान शांत होने के इंतजार में हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर नेता चाहते हैं कि सपा पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को औपचारिक तौर पर गठबंधन का नेता तय कर दे, तभी गठजोड़ करना उचित होगा। समारोह की शुरुआत में लालू यादव को मंच पर एक साथ अखिलेश-शिवपाल को लेकर आए। अखिलेश और शिवपाल दोनों के हाथ में तलवार थी। लालू उन दोनों को मिलवाने की कोशिश कर रहे थे। उस वक़्त मंच पर इनके साथ मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, एचडी देवेगौड़ा, अजित सिंह और अभय चौटाला मौज़ूद थे। इसके बाद शिवपाल ने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी के उत्थान में नेताजी के योगदान का ज़िक्र किया। इस मौके पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी मौजूद थे जिन्होंने एनडीटीवी इंडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का प्रतिबंध लोकतंत्र पर हमला है। जब अखिलेश यादव बोले- किसी को परीक्षा देने की जरूरत नहीं है, किसी को परीक्षा देनी है तो मैं तैयार हूं। उन्होंने कहा कि आप हमें तलवार भेंट कर रहे हैं, अब हम इसका इस्तेमाल कभी करेंगे। विचारधारा को बचाने के लिए तलवार चलानी जरूरी है। बहुत सी बातों का जवाब नहीं दूंगा लेकिन साढ़े चार साल के अंदर यूपी की सरकार ने अच्छा काम करके पूरे देश के सामने उदाहरण पेश किया है। समारोह में शामिल लालू यादव ने कहा कि वह स्थापना समारोह में शुभकामनाएं देने आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां फिर हमारी सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि बिहार की तरह यूपी से भी बीजेपी को खदेड़ने का मक़सद है। वहीं शरद यादव बोले कि हम लोगों को याद किया गया, इसलिए हम आए हैं।
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