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आप भी जानिए रिलाइंस जीओ के निगेटिव साइड इफेकट्स

मुम्बई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकम्युनिकेशन क्षेत्र में उतरने के बाद भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में खलबली है। रिलायंस जियो के लॉन्चस के बाद कई बड़े टेलीकॉप ऑपरेटर्स ने सीधे तौर पर जियो पर आरोप लगाए हैं। जियो के खिलाफ टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। जियो अन्यि सर्विस प्रोवाइडर के मुकाबले काफी सस्ती दरों पर 4जी डाटा उपलब्ध करा रही है। जियो ने मुफ्त वॉयस कॉल देने का भी ऐलान किया है। भारत में वॉयस-डाटा राजस्वर का अनुपात लगभग 75:25 है। मुफ्त वॉयस कॉल देने से बाजार की स्थिति में काफी बदलाव आ जाएगा। जियो LTE तकनीक पर पर 4जी वॉयस का इस्तेशमाल कर वॉयस कॉल देगा। हालांकि, मुफ्त कॉल सभी ऑपरेटर्स का वॉयस बिजनेस खत्मत कर सकती हैं। जियो के प्लाान बाकी ऑपरेटर्स को भी डाटा के दाम गिराने पर मजबूर करेंगे। आइए, जियो के लॉन्चज होने के बाद बाजार पर पड़ने वाले 5 साइड इफेक्ट्स पर नजर डालें। इनमें से कुछ टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए चिंता का विषय हैं, मगर यूजर्स को फायदा होगा। अगर जियो कस्ट मर दूसरे सर्विस प्राेवाइडर्स के नंबर वॉयस कॉल करता है तो जियो को इंटरकनेक्टय चार्ज चुकाना होगा। अगर कोई कॉल जियो उपभोक्ताव रिसीव करता है, तो जियो को राजस्वे प्राप्त् होगा। इससे शुरुआती दौर में जियो का काफी धन बाहर जाएगा, जब तक उसके पास पर्याप्तव कॉल्सा आनी शुरू नहीं होतीं। जियो ने टेलीकॉम क्षेत्र में 1.25 लाख कराेड़ रुपए की भारी-भरकम रा‍शि लगाई है और वह और स्पे क्ट्रतम खरीदने की दिशा में आगे बढ़ेगा। लेकिन, प्राइस वार शुरू करने और बेहतर सर्विस की बदौलत जियो तेजी से बाजार में अपनी जगह बना सकता है। अगर रिलायंस लंबे समय तक इस क्षेत्र में निवेश को तैयार है, तो यह वर्तमान बाजार के ढांचे को पूरी तरह बदल देगा। अगर रिलायंस निवेश नहीं करता तो भी यह अन्यो ऑपरेटर्स को दीवालिया होने की कगार पर ले आएगा, उसके बाद कहीं खुद जियो पर इसका असर होगा। जब तक यह प्राइस वार चलेगा, हर टेलीकॉम ऑपरेटर का राजस्वर कम होगा। चूंकि ज्याहदातर मोबाइल आपरेटर्स पर अच्छा,-खासा कर्ज है, राजस्वक में कमी पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर नाटकीय प्रभाव डाल सकती है। मुकेश अंबानी द्वारा जियो को लॉन्चख करते ही स्टासॅक मार्केट में फैला डर साफ बताता है कि यह वर्तमान ऑपरेटर्स के लिए बेहद गंभीर मामला है। जिन एनालिस्ट्सस ने जियो के प्लायन्स देखे हैं, उनका कहना है कि यह महीने में 500 रुपए से ज्याएदा खर्च करने वाले (वॉयस एंड डाटा) किसी भी व्याक्ति के लिए फायदे का सौदा है। जियो के पक्ष में एक बात यह भी है कि सेवाओं की गुणवत्ताद पर बाकी कंपनियां बुरी स्थिति में हैं। कॉल ड्रॉप और नेटवर्क एरर की वजह से हर कस्ट मर को कभी न कभी दिक्कनत झेलनी पड़ी है, जबकि कम डाटा स्पी ड भी कई यूजर्स के लिए चिंता का विषय है। जियो के पास एक तेजी, सुव्यकवस्थित नेटवर्क होगा क्यों्कि अभी इसके पास इतने ज्याादा यूजर्स नहीं है। ऐसे में बाकी ऑपरेटरों के मुकाबले जियो की सेवाएं बेहतर होनी चाहिए। भले ही कंपनियों को यह अच्छात लगे या नहीं, मगर उन्हेंग अपने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए सेवाओं की गुणवत्ताछ पर खर्च करना ही होगा। अगर जियो का यह दांव सफल होता है तो मीडिया और एंटरटेनमेंट क्षेत्र में भी बदलाव आ सकता है। ज्यािदातर डाटा यूसेज वीडियो और टीवी कंटेंट, सोशल मीडिया पोस्ट्सस और खुद बनाए गए वीडियो की वजह से होता है। जियो लाेगों को ज्यांदा डाटा इस्तेामाल करने के लिए प्रेरित कर रहा है, एक बार ऐसा हो गया तो मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टेर में व्याकपक बदलाव देखने को मिलेंगे।
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