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आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में भड़की हिंसा में 24 की मौत

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कूकरनाग के पास हिजबुल कमांडर बुरहान मुज़फ्फर वानी के मारे जाने के बाद घाटी के कई इलाकों में तनाव बरकरार है। वानी के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन का ‘पोस्टर ब्वाय’ बुरहान का उसके पैतृक स्थल त्राल में अंतिम संस्कार किया गया। हिंसक भीड़ ने घाटी में कई स्थानों पर पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के प्रतिष्ठानों पर हमला किया और तीन पुलिस प्रतिष्ठानों सहित कई इमारतों को आग के हवाले किया। इस वजह से तीन पुलिसकर्मी लापता हैं। त्राल में बुरहान के अंतिम संस्कार में भाग लेने आने वाले लोगों से टकराव से बचने के लिए त्राल और इसके आस पास के क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की कोई तैनाती नहीं की गई। जम्मू कश्मीर पुलिस के एडीजीपी (सीआईडी) एसएम सहाय ने कहा, ‘‘हमारा आज का दिन बहुत मुश्किल रहा।’’ उन्होंने स्थिति ‘‘कुछ इलाकों में खराब’’, उत्तरी कश्मीर जैसे क्षेत्रों में ‘‘गंभीर नहीं’’ और श्रीनगर में नियंत्रण में बताई। दक्षिण कश्मीर, पुलवामा समेत श्रीगर के कई इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है। घाटी में तनाव के माहौल को देखते हुए अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। इसके अलावा आज होने वाली बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी गई है। यहां ट्रेन और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ऐहतियातन बंद कर दी गई हैं ताकि किसी तरह की कोई अफवाह न फैल सके। ट्रेनें अगली सूचना तक बंद रहेंगी। हुर्रियत कांफ्रेंस के गिलानी गुट के चेयरमेन सैयद अली शाह गिलानी ने वानी के मारे जाने के खिलाफ तीन दिन के कश्मीर बंद का ऐलान किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। आज किसी और तीर्थयात्री को घाटी की तरफ जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि कश्मीर में पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से यात्रा जारी रहेगी। तीर्थयात्रियों को ताकीद की गई है कि उनके आगे बढ़ने के बारे में कोई हिदायत जारी होने तक वे इन्हीं शिविरों में रुकें।' कश्मीर का पोस्टर ब्वॉ य कहलाया जाने वाला बुरहान वानी सुरक्षा बलों के साथ एंकाउंटर में मारा गया। शुक्रवार को करीब सवा घंटे चली मुठभेड़ में सेना और पुलिस ने बुरहान वानी और उसके तीन साथियों को मार गिराया। इसके बाद सुरक्षा बलों और लोगों के बीच झड़पें भी हुईं। एक दो जगहों पर सीआरपीएफ के बंकर में समर्थक भीड़ ने आग भी लगा दी। पुलिस चौकी पर भी हमले किए गए। पत्थरबाजी में जवान घायल भी हुए है । लेकिन हालता की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने काफी संयम के साथ काम लिया है। केवल हिजबुल के ही नहीं, इस साल सुरक्षाबलों ने रिकॉर्ड संख्या में जम्मू कश्मीर में सक्रिय सारे आतंकी संगठनों को टॉप कमांडर को मार गिराया है। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी के रज़िंदर ने एनडीटीवी को बताया, "यह सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। बुरहान नौजवानों को बरगालाता था और उन्हें प्रभावित भी करता था।" बुरहान सोशल मीडिया के ज़रिए नौजवानों को हिजबुल के साथ जुड़ने के लिए उकसाता था। सोशल साइट पर उसके कई फोटो वायरल हो चुके हैं। हाल में एक वीडियो में इसने नौजवानों को पुलिस पर हमला करने को कहा था। 22 साल का यह आतंकी पिछले तीन साल से कश्मीर में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। दक्षिण कश्मीर में वह काफी सक्रिय था। श्रीनगर, अनंतनाग और पुलवामा में पुलिसवालों के मारे जाने के पीछे इसी का हाथ बताया जाता है। 15 साल की उम्र में ही 2010 में बुरहान अपने भाई के मारे जाने के बाद टेररिस्ट ग्रुप हिजबुल से जुड़ा। उसका मानना था कि उसके भाई की इंडियन आर्मी ने हत्या कर दी थी। वह इसका बदला लेना चाहता था। कश्मीर के त्राल का रहने वाला बुरहान वानी एक रसूखदार फैमिली से था। उस पर कश्मीर के एजुकेटेड यूथ को हिजबुल से जोड़ने का जिम्मा था। उस पर 10 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था।
वानी की मौत उसकी जिन्दगी से ज्यादा खतरनाक सिद्ध होगी : उमर
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज ट्वीट के जरिए हिज्बुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद इससे जुड़े कुछ सवाल उठाए हैं। लब्बोलुआब यह है कि उनके मुताबिक, जिंदा रहते हुए सोशल मीडिया के मार्फत वह जो कुछ कर सकता था, मौत के बाद ज्यादा खतरनाक साबित होगा। उन्होंने ट्वीट करके कहा है- मेरे शब्दों पर गौर करें। आतंकवादियों की भर्तियां बुरहान जितनी अपनी मौत के बाद कर सकता है, वह उस सबकुछ से कहीं ज्यादा है जो कुछ वह सोशल मीडिया के जरिए कर सकता था। पिछली रात जब बुरहान के मारे जाने की खबर आई तब ही पूर्व सीएम अब्दुल्ला ने ट्वीट करके कहा था कि अगर यह खबर सही है तो कश्मीर के लिए आने वाले समय तनावपूर्व होंगे। उन्होंने ट्वीट करके कहा था- बुरहान न तो बंदूक उठाने वालों में पहला है और न ही वह आखिरी है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह हमेशा कहा है कि एक राजनीतिक समस्या का निदान राजनीतिक तरीके से ही हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें याद नहीं यदि कार्यकाल के दौरान वानी से संबंधित आतंकवादी गतिविधियों जैसा कोई वाकया सामने आया हो। जम्मू-कश्मीर में कूकरनाग के पास हिज़्बुल कमांडर बुरहान मुज़फ्फर वानी के मारे जाने के बाद श्रीनगर और पुलवामा में तनाव बरकरार है। बुरहान के मारे जाने के बाद से ही दक्षिण कश्मीर, पुलवामा समेत श्रीगर के कई इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है। घाटी में तनाव का माहौल को देखते हुए अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। इसके अलावा आज होने वाली बोर्ड परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया है। यहां ट्रेन और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ऐहतियान बंद कर दी गई हैं। कश्मीर का पोस्टर ब्वॉ य कहलाया जाने वाला बुरहान वानी सुरक्षा बलों के साथ एंकाउंटर में मारा गया। शुक्रवार को करीब सवा घंटे चली मुठभेड़ में सेना और पुलिस ने बुरहान वानी और उसके तीन साथियों को मार गिराया। इसके बाद सुरक्षा बलों और लोगों के बीच झड़पें भी हुईं। एक दो जगहों पर सीआरपीएफ के बंकर में समर्थक भीड़ ने आग भी लगा दी। पुलिस चौकी पर भी हमले किए गए। पत्थरबाजी में जवान घायल भी हुए है । लेकिन हालता की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने काफी संयम के साथ काम लिया है।
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