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सपा के साथ मिलकर कैराना में भी दंगा कराना चाहती थी भाजपाः मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने शामली जिले के कैराना के प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी का शिगूफा बताया है। लखनऊ में मंगलवार को मायावती ने साफ कहा कि भाजपा कैराना में भी दंगा कराने के प्रयास में थी। प्रदेश की सरकार भी उनका हर मामले में साथ दे रही है। मायावती ने कहा कि शामली जिले के कैराना में समाजवादी पार्टी की अराजकता तथा गुंडागर्दी के कारण लोग परेशान होकर घर छोड़ रहे हैं। इन सबके बीच भारतीय कैराना में दंगा कराने की फिराक में लगी थी, लेकिन मीडिया की सूझबूझ से यह नहीं हो सका। प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार जब कैराना में गुंडागर्दी तथा अराजकता रोकने में विफल रही तो भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम का रंग देने की योजना बना ली। भाजपा ने चंद घंटों में कैराना मामले को उछाला। यह पार्टी वहां पर सांप्रदायिक रंग देकर माहौल को एक बार फिर खराब करने की जुगत में थी। मायावती ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस और भाजपा के कार्यकाल के दौरान लोग रोजी-रोटी के लिए उत्तर प्रदेश से पलायन करते थे, लेकिन अब समाजवादी पार्टी की गुंडागर्दी से परेशान होकर अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं। जिससे उनकी जान-माल की रक्षा हो सके। लोग जंगलों में रहने को मजबूर है। अब भाजपा को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करनी चाहिए, लेकिन सपा ने इनकी मिलीभगत होने के कारण यह ऐसा नहीं कर रहे हैं। मायावती ने कहा कि दंगे में गरीब जनता ही पिसती है। यह दोनों दल लगातार इसी का लाभ लेने की फिराक में रहते हैं। मायावती ने कहा कि मेरी मांग है कि उत्तर प्रदेश में जल्दी ही राष्ट्रपति शासन लगे। केंद्र सरकार ने यूपी सरकार को बेलगाम छोड़ा है। केंद्र सरकार ने यूपी में राष्ट्रपति शासन नही लगाया। उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को बर्खास्त कर यहां पर राष्ट्रपति शासन लगे। अब उत्तर प्रदेश की जनता को भाजपा तथा सपा से सतर्क रहने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में जनता से किसी को भी मतलब नहीं है। यहां सपा, कांग्रेस, बीजेपी मिली हुई हैं। सपा से चार वर्ष से जनता बेहद परेशान है। सपा सरकार में 22 करोड़ जनता का जीना दुश्वार हो गया है। समाजवादी पार्टी की अपराध व अराजकता की सरकार है। इनके उत्तर प्रदेश में बहुमत में आने से गुंडों का मनोबल बढ़ा है। मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अराजकता के लिए अखिलेश यादव सरकार की गुंडागर्दी और बदहाली के लिए केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। मायावती ने सपा व भाजपा में सांठगांठ का आरोप लगते हुए कहा इलाहाबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में उत्तर प्रदेश के हालात पर घडिय़ाली आंसू बहाने वाली मोदी सरकार प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागु करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी है। मायावती ने अपनी सरकार में मुलायम सरकार के पुलिस भर्ती घोटाले और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष घोटाले की जांचों का जिक्र करते उन्होंने मोदी के आरोप को निराधार बताया। मायावती ने इलाहाबाद की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों पर कहा कि भाजपा सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए मोदी बसपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में समर्थित व अधिकृत उम्मीदवारों के हारने से जमीन पर आई भारतीय जनता पार्टी ने अब कैराना का शिगूफा छोड़ा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की उत्तर प्रदेश के सहारनपुर व इलाहाबाद की रैली में बाहरी प्रदेश के लोग आए थे। कम भीड़ होने के कारण भाजपा काफी डरा महसूस कर रही है। प्रधानमंत्री ने कल इलाहाबाद की रैली में भी सपा-बीजेपी के रिश्तों पर पर्दा डालने का काम किया।
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