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बसपा में बगावत, वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद पार्टी छोड़ी, सपा में शामिल होने की चर्चा

नई दिल्ली। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले ही बीएसपी को बड़ा झटका लगा है। बीएसपी के बड़े नेता और विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने बगावत कर दिया है। बीएसपी नेता और यूपी बीएसपी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या ने मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाया है। मौर्या ने कहा कि मायावती दलित की नहीं दौलत की बेटी हैं। मौर्य ने कहा कि मायावती आगामी चुनाव के लिए टिकट बेच रही हैं। ये मान्यवर काशीराम और अंबेडकर जी का अपमान है। बसपा नीलामी का बाजार बन गई है। उन्होंने अंबेडकर जी के विचारों की हत्या की है। बीएसपी के कार्यकर्ता हताश हैं, इस पार्टी में दलितों के लिए जगह नहीं रह गई है। मौर्या ने कहा कि बाबा साहेब के सपनो को बर्बाद कर दिया है वो दलित नही दौलत की बेटी है। बीएसपी के विधायक दल के नेता हैं और विपक्ष के भी नेता है। मायावती ने कहा कि हम खुद ही पार्टी से निकालने वाले थे। वह पार्टी छोड़कर मौर्या ने उपकार किया है। मौर्या पहले मुलायम के साथ थे। मौर्य को परिवारवाद का मोह है। मायावती ने कहा कि मैंने इनके बेटे बेटी को भी टिकट दिया। लोकसभा चुनाव में भी बेटी को टिकट दिया। मायावती ने कहा कि मैंने अपने भाई बहन सभी को दूर रखा। परिवारवाद का विरोध हमारे पार्टी के मूल विचार है। ये अपने परिवार के लिए टिकट मांग रहे थे। मैं परिवार वाद के खिलाफ हूं। टिकट बेचने के आरोप को मायावती ने नकार दिया है। बीएसपी मुलायम जी की पार्टी नहीं है जहां पहले परिवार को टिकट बांटे जाते हैं बाद में पार्टी के सदस्यों का नंबर आता है। पार्टी छोड़कर जाने वाले लोग यही बोलते हैं कि मायावती दलित नहीं दौलत की बेटी है, सही कारण नहीं बताते हैं। पैसा लेकर टिकट बेचने के आरोपों पर मायावती ने मौर्य से पूछा 2012 में उन्होंने अपने बेटे-बेटी के टिकट के लिए कितना पैसा दिया था।
सपा में शामिल होकर मंत्री बन सकते हैं स्वामी प्रसाद मौर्य 
बसपा से बागी हुए स्वामी प्रसाद मौर्य सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो सकते हैं। बुधवार को ही उन्होंने बसपा से इस्तीफा दे दिया था। मायावती के खास सिपहसालार माने जाने वाले मौर्य ने आरोप लगाया है कि मायावती टिकटों की बिक्री करती हैं। उन्हें दलितों से नहीं बल्कि दौलत से प्यार हैं। सूत्रों के अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं। यही नहीं, वह 27 तारीख को संभावित सपा के मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मंत्री पद की शपथ भी ले सकते हैं। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि मायावती की दलित विरोधी नीतियों के चलते उन्हें बसपा में घुटन महसूस हो रही थी। बसपा सुप्रीमो मायावती को लिखे पत्र में बसपा के कद्दावर नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने अपना दर्द बयान किया है। उन्होंने खत में लिखा है कि अंबेडकर और कांशीराम ने पूरी जिंदगी संघर्ष किया है। मायावती सिर्फ दिखावे के लिए अम्बेडकर जयंती मनाती हैं। पार्टी में दलितों की कोई सुध नहीं ले रहीं। मायावती दलितों के सपनों में पलीता लगा रही है। उन्हें सिर्फ पैसे लेकर टिकट बेचने से मतलब है। मौर्या ने कहा कि टिकट में सौदेबाजी की वजह से बीएसपी 2012 का चुनाव हारी और अब 2017 में भी चुनाव हारेंगी। बता दें कि पडरौना विधानसभा से स्वामी प्रसाद मौर्या विधायक हैं। सूत्रों की मानें तो स्वामी प्रसाद मौर्य सपा में शामिल हो सकते हैं। साथ ही यूपी सरकार में मंत्री बन सकते हैं। बसपा के प्रभावशाली नेताओं में से एक स्वामी प्रसाद का पार्टी छोडऩा बसपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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