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उत्तराखंड में हरीश रावत ने फिर दी भाजपा को पटकनी, राज्यसभा पहुंचे टम्टा, भाजपा चित

देहरादून। उत्तराखंड की एक सीट के लिए हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा ने जीत दर्ज की। टम्टा ने भाजपा द्वारा समर्थित अनिल गोयल को छह मतों से हरा दिया। टम्टा को 32 मत मिले जबकि गोयल को 26 मतों ही प्राप्त हुए। इस चुनाव में जीत के साथ ही हरीश रावत ने पार्टी के अंदर और बाहर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है तो भाजपा ने एक बार फिर अपनी किरकिरी करवाई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधानसभा में शनिवार सुबह मतदान शुरू हुआ। दोपहर बाद लगभग दो बजे तक सभी विधायकों ने वोट डाल दिए। 58 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एक दिन पहले पार्टी और पद से इस्तीफा सौंपने वाले भीमताल से भाजपा विधायक दान सिंह भंडारी वोट देने नहीं पहुंचे। शाम पांच बजे मतगणना शुरू हुई जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को 32 वोट मिले। वहीं निर्दलीय और भाजपा द्वारा परोक्ष रूप से समर्थित अनिल गोयल को 26 वोट मिले। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी की घोषणा के साथ ही प्रदीप टम्टा के सिर पर जीत का सेहरा बंध गया। भाजपा की किरकिरी तभी तय हो गई थी जब चुनाव के एक दिन पहले भाजपा की नेता और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल करने वाली गीता ठाकुर ने समर्थन न मिलने पर पार्टी छोड़ दी। यही नहीं उन्होंने भाजपा को दलित और महिला विरोधी बताते हुए कांग्रेस ज्वाइन कर ली। इसके बाद प्रदीप टम्टा और अनिल गोयल में सीधी टक्कर के हालात बन गए थे। इसके बाद देर रात भीमताल से भाजपा विधायक दान सिंह भंडारी ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर पार्टी और पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। शनिवार सुबह से चुरनाव के चलते विधानसभा को पूरी तरह सील कर दिया गया था। विधायकों के सिवा किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। विधानसभा में मीडिया की एंट्री भी रोक दी गई थी। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा बनाए गए नियमों के तहत मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। बताया कि भाजपा से इस्तीफा देने वाले दान ‌सिंह भंडारी को छोड़कर सभी विधायकों ने अपना मत दिया।
किस राज्य में किस दिग्गज को मिली जीत-हार 
दिल्ली। राज्यसभा की 27 सीटों पर हुए मतदान के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। कुल 57 राज्यसभा सीटों में से 30 पर तो फैसला बिना मतदान के हो चुका है, लेकिन बाकी 27 पर फैसला शनिवार को हो रहा है। बीजेपी को राजस्थान में बड़ी सफलता मिली है, उसके चारों उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री वेंंकैया नायडु, बीजेपी उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, हर्षवर्धन सिंह और रामकुमार वर्मा जीत गए हैं। यूपी से राज्यसभा में 11 सदस्य चुनकर जाने हैं लेकिन उसने 12 उम्मीदवार उतारे हैं। समाजवादी पार्टी के लिए अच्छी बात ये है कि उसके सातों उम्मीदवार जीत गए हैं। जीतने वालों में बेनी प्रसाद वर्मा, अमर सिंह, संजय सेठ, सुखराम सिंह यादव, रेवती रमण सिंह विशम्भर प्रसाद निषाद और सुरेंद्र नागर शामिल हैं। बीजेपी के शिवप्रताप शुक्ला, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्र और अशोक सिद्धार्थ भी जीते हैं। कांग्रेस के कपिल सिब्बल और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार प्रीति महापात्रा के बीच कांटे का मुकाबला था लेकिन सिब्बल जीत गए हैं। उत्तराखंड में सीट कांग्रेस के खाते में गई। कांग्रेस के प्रदीप टम्टा जीत गए हैं। हालांकि टम्टा को उनके सहयोगियों की नाराजगी झेलनी पड़ी और बीजेपी समर्थित दो निर्दलीयों ने पर्चा भरा। अनिल गोयल और गीता ठाकुर ने उत्तराखंड की जंग को एकतरफा होने से रोक दिया। मध्य प्रदेश में दो सीटों पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस ने अपना जीत हासिल की। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीद्वार हार गया। बीजेपी के एम.जे. अकबर और अनिल माधव दवे जीते तो कांग्रेस के विवेक तन्खा को जीत मिली। हरियाणा में हुए मतदान में कांग्रेस के सभी 14 वोट रद्द होने के चलते आरके आनंद को हार और मीडिया सम्राट सुभाष चंद्रा को जीत मिली है। सुभाष चंद्रा निर्दलीय हैं लेकिन सिर पर बीजेपी का हाथ है। आईएनएलडी ने मशहूर वकील आर. के. आनंद को समर्थन दिया था। राजस्थान में कुल चार सीटों पर हुए मतदान में चारों सीटें बीजेपी को मिलीं। कहा जा रहा था कि चौथी सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार कमल मोरारका से मुकाबला कांटे का होगा। मोरारका के समर्थन में कांग्रेस और थर्ड फ्रंट था। क्रॉस वोटिंग की अटकलें भी थीं। आखिरकार बीजेपी के चारों उम्मीदवार जीते। बीजेपी को कुल 166 वोट मिले, जबकि निर्दलीय कमल मोरारका के हिस्से में 32 वोट आए, 1 वोट नोटा पर गया। सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव उप्र में ही था। यहां से 11 सदस्य चुनकर आने थे। चुनाव के लिए 12 प्रत्याशी मैदान में थे। समाजवादी पार्टी के सातों उम्मीदवार जीत गए हैं। जीतने वालों में बेनी प्रसाद वर्मा, अमर सिंह, संजय सेठ, सुखराम सिंह यादव, रेवती रमण सिंह विशम्भर प्रसाद निषाद और सुरेंद्र नागर शामिल हैं। बीजेपी के शिवप्रताप शुक्ला, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्र और अशोक सिद्धार्थ भी जीते हैं। कांग्रेस के कपिल सिब्बल और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार प्रीति महापात्रा के बीच कांटे का मुकाबला था लेकिन सिब्बल जीत गए हैं। सबसे दिलचस्प मुकाबला कपिल सिब्बल के सीट के लिए ही था। भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी शिवप्रताप शुक्ला की जीत तो तय दिख रही थी लेकिन ऐन वक्त में प्रीति महापात्रा ने बीजेपी प्रत्याशी के साथ कांग्रेस के खेमे में खलबली मचा दी थी। इस चुनाव में दोनों ही तरफ क्रास वोटिंग हुई। कांग्रेस प्रत्याशी की जीत में बसपा विधायको की बड़ी भूमिका देखी जा रही है। राजस्थान के के परिणाम बीजेपी की अपेक्षा के अनुरुप ही रहे। यहां की चार राज्यसभा सीटों के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा के चार और कांग्रेस द्वारा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी। यहां भाजपा के चारों प्रत्याशी जीत गए हैं। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, बीजेपी उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, हर्षवर्धन सिंह और रामकुमार वर्मा जीत गए हैं। यहां कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी कमल मोराराका को हार मिली है। झारखंड में दोनों सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी यहां से चुनाव जीते हैं। हरियाणा में बीजेपी सम‌र्थित उम्मीदवार सुभाष चन्द्रा जीत गए हैं। उनकी टक्कर कांग्रेस के आरके आनंद से थी। इस चुनाव में 14 वोट रद्द हो जाने की वजह से जीत सुभाष चन्द्रा की हुई। रद्द हुए सभी वोट कांग्रेस के ही थे। मध्य प्रदेश में दो सीटों पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस ने अपना जीत हासिल की। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीद्वार हार गया। बीजेपी के एम.जे. अकबर और अनिल माधव दवे जीते तो कांग्रेस के विवेक तन्खा को जीत मिली।
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