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पाकिस्तान ने की हमले की निंदा की

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने पठानकोट में भारतीय वायुसेना के एक परिसर पर हमले की निंदा की है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, "पाकिस्तान भारत में हुए इस हमले की निंदा करता है जिसमें कई जानें गई हैं." बयान में हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई गई है जबकि घायलों के जल्द अच्छा होने की उम्मीद की गई है. इस बयान में भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया उच्च स्तरीय संपर्क का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान क्षेत्र में 'आतंकवाद को खत्म करने के लिए' भारत समेत क्षेत्र के सभी देशों के साथ अपनी साझेदारी रखेगा. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पांच से छह हमलावर भारतीय सेना की वर्दी में तड़के एयरबेस के नॉन ऑपरेशनल एरिया में घुसे थे. अभी तक वहां मुठभेड़ जारी है जिसमें अब तक चार हमलावरों समेत सात लोगों के मारे जाने की ख़बर है. भारत में पठानकोट हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हो रही है और पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं. उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पठानकोट हमले को 'बाहर से आए लोगों का काम' बताया है. उन्होंने कहा कि 'ऐसे लोगों को कंट्रोल करना पाकिस्तान की सरकार का फर्ज़ बनता है'. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री किरण रिजिजू ने भी कहा कि पठानकोट में हमला करने वालों को सीमापार के कुछ तत्व की मदद हासिल है. वहीं कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने कहा कि वो इस हमले से निपटने में पूरी तरह सरकार और सुरक्षा बलों के साथ हैं. लेकिन उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी अभी-अभी पाकिस्तान से लौटे हैं, जहां उन्होंने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन हमें बदले में ये मिला है."
चरमपंथियों को मुंहतोड़ जवाब देंगेः राजनाथ 
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पठानकोट एयरबेस पर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सिंह ने कहा, "पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है. हम केवल पाकिस्तान के साथ ही नहीं बल्कि सभी पड़ोसी देशों के साथ बेहतर रिश्ते चाहते हैं." उन्होंने कहा, "हम शांति चाहते हैं लेकिन अगर भारत पर चरमपंथी हमला हुआ तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा." गृहमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि सेना, अर्धसैनिक बल और पंजाब पुलिस के जवान हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें अपने सुरक्षाबलों और जवानों पर गर्व है. उधर पठानकोट में सैकड़ों लोगों ने इस हमले के विरोध में प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के विरोध में नारेबाज़ी की. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान का पुतला जलाया और पंजाब में बढ़ रही चरमपंथी घटनाओं के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया.
पाकिस्तान से आए थे आतंकी
पठानकोट एयरबेस पर हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पाकिस्तान के बहावलपुर से आए थे. खुफिया सूत्रों ने बताया कि ये आतंकी तीन दिन पहले भारत में दाखिल हुए थे. आतंकियों ने कैसे घुसपैठ की, कब कहां से आए और कहां गए, यह पूरी जानकारी रक्षा सूत्रों ने इंडिया टुडे से खास बातचीत में दी. जैश-ए-मोहम्मद के 6 आत्मघाती आतंकी 30 दिसंबर को गुरदासपुर से लगी सरहद से भारत में दाखिल हुए . ये लैंड क्रूजर और पजेरो गाड़ी से पठानकोट एयरबेस पहुंचे. ये आतंकी पाकिस्तान के बहावलपुर से ट्रेनिंग लेकर आए और अल रहमान नाम के ट्रस्ट से जुड़े हैं. इनके हैंडलर मौलाना अशफाक अहमद और हाजी अब्दुल शकूर हैं. ये सभी अपने हैंडलर से फोन के जरिये लगातार संपर्क में थे. इन आतंकियों को बीते छह महीनों से इस हमले को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी जा रही थी. आतंकियों के पास AK-47, हैंड ग्रेनेड, जीपीएस समेत भारी गोला बारूद मौजूद थे. इसी वजह से इन्होंने लैंड क्रूजर और पजेरो जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल किया. खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को समय रहते इसकी जानकारी मिल गई. एनएसजी की टीम तुरंत एयरबेस पहुंच गई और आतंकी बड़ा हमला करने में कामयाब नहीं हो पाए.
 पठानकोट हमले के बाद सुरक्षा तैयारियों पर उठते सवाल 
बेशक पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर घुसे आतंकवादियों को जवानों ने मार गिराया, लेकिन इस हमले ने देश की सुरक्षा तैयारियों की पोल खोल दी है। खासकर तब जब हमले के बारे में खुफिया अलर्ट हो, बचाव की तैयारियां भी की जाएं, बावजूद इसके हमला हो जाए। इस हमले के बारे में आतंकी साजिश के बारे में सुरक्षा अमले को पूरी जानकारी थी। खुफिया रिकॉर्डिंग से पता चल चुका था कि आतंकवादी घुस चुके हैं और इसी इलाके में हमला करने वाले हैं। इसीलिए वायुसेना स्टेशन में सेना के स्पेशल फोर्सेज के 2 कॉलम तैनात किए गए। इसके अलावा वायुसेना के गरुड़ कमांडो अलग से मौजूद थे। बावजूद इसके आतंकवादी न सिर्फ सुरक्षा का पहला घेरा तोड़ पाने में कामयाब रहे, बल्कि उन्होंने तीन जवानों को शहीद भी कर दिया। हालांकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इसको चूक मानने से इनकार कर दिया और कहा कि अगर आतंकवादी आगे बढ़ जाते, तो बेहद नुकसान होता। गौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों के कान तभी खड़े हो गए थे, जब आतंकवादियों ने गुरुदासपुर के एसपी को अगवा किया। उन्होंने एसपी को छोड़ दिया और ड्राइवर को मार कर कार लेकर भाग खड़े हुए। इसके बाद एसपी के फोन से अपने आकाओं से बातचीत की जिसमें आकाओं ने पूछा कि एसपी को ज़िंदा क्यों छोड़ दिया। यही वो कॉल था, जिसको सुरक्षा एजेंसियों ने रिकॉर्ड किया और एनएसए ने उच्च स्तरीय बैठक बुला कर अलर्ट जारी कर दिया। अगर आतंकवादी दूसरा घेरा तोड़ पाने में कामयाब होते तो नुकसान का अंदाज़ा ही लगाया जा सकता है। अगर आतंकवादी एयरफोर्स स्टेशन के तकनीकी एरिया में दाखिल हो जाते तो उनके सामने मिग-21 बाइसन और एमआई-35 और एमआई-25 जैसे अटैक हेलिकॉप्टर भी होते। यह अपने फ्यूल टैंकों के कारण किसी बम से भी ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकते हैं। लेकिन सुरक्षा बलों की दाद देनी होगी कि उन्होंने आतंकवादियों को पहले ही ट्रैप कर लिया और वो तकनीकी एरिया में जाने में सफल नहीं हो सके।यह पहला मौका नहीं है जब सुरक्षा में चूक हुई हो। तमाम तैयारी, खर्चों और दावों के बावजूद पिछले छह महीनों में यह तीसरा बड़ा आतंकवादी हमला है। चूक बीएसएफ की भी है और राज्य पुलिस की भी। बड़ी बात यह है कि हमले की ज़िम्मेदारी लेने के बजाए कोशिश अपनी गरदन बचाने की है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि आतंकवादियों को रोकने की ज़िम्मेदारी राज्य की नहीं है। हम अलर्ट थे, इसीलिए नुकसान कम हुआ। अब दिल्ली में एक के बाद एक बैठकों का दौर जारी है और जोर चूक को दूर कर सुरक्षा चाक चौबंद करने की है। 
पाकिस्तान से आतंकवाद व वार्ता साथ-साथ संभव नहीः शिव सेना 
शिवसेना ने पठानकोट में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए शनिवार को कहा कि ‘आतंकवाद और शांतिवार्ता साथ-साथ नहीं चल सकती।’ शिवसेना ने इस बात को लेकर चिंता जताई कि यह हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के लाहौर यात्रा के सप्ताह भर के भीतर हुआ है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने यहां कहा, ‘जब भी हमारे ऊपर कोई हमला होता है, यह कहने की जरूरत नहीं कि उसके पीछे कौन है। हम आंख बंद करके भी कह सकते हैं कि हमलावर पाकिस्तान से हैं।’ तड़के हुए हमले में भारी हथियारों से लैस पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पंजाब के पठानकोट स्थित वायुसेना स्टेशन पर हमला किया। इन आतंकवादियों के जैश ए मोहम्मद संगठन से जुड़े होने का संदेह है। इसके बाद हुई मुठभेड़ में चार हमलावर मारे गए और तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।  
मोदी की पाकिस्तान यात्रा के बाद हमला
राउत ने कहा कि यह हमला पिछले सप्ताह बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के प्रधानमंत्री के लाहौर में रुकने के बाद हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हम राजनीति नहीं करना चाहते लेकिन यह तथ्य है कि द्विपक्षीय शांतिवार्ता और आतंकवादी हमले साथ-साथ हो रहे हैं। यह नहीं चलेगा।’ उन्होंने कहा कि शांति वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते और यह शिवसेना का शुरू से ही रुख रहा है। शिवसेना भाजपा की प्रमुख सहयोगी पार्टी के साथ ही केंद्र की राजग सरकार का हिस्सा भी है। 
मुंहतोड़ जवाब कब देंगे गृह मंत्री? 
राउत ने सवाल किया, ‘केवल यह कहना पर्याप्त नहीं कि ऐसे हमलों पर भारत की ओर से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री एक गंभीर व्यक्ति हैं और हम उनका सम्मान करते हैं। लेकिन हम पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब कब देंगे?’ राउत की यह टिप्पणी गृह मंत्री के उस बयान के मद्देनजर आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की धरती पर यदि कोई आतंकवादी हमला हुआ तो वह करारा जवाब देगा।
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