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15 जनवरी को नहीं होगी भारत-पाक विदेश सचिवों की वार्ता!

नई दिल्ली। पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले के साये में भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता टल गई है. दिल्ली में शीर्ष स्तर पर दिनभर चली गहमागहमी के बीच ये फैसला लिया गया. पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड माने जाने वाले जैश-ए-मोहम्मद आतंकी अजहर मसूद को पाकिस्तान में हिरासत में लिए जाने के बाद बुधवार शाम दिल्ली में शीर्ष स्तर पर लगातार बैठकें हुईं. पीएम मोदी और सुषमा स्वराज की बैठक के बाद यह फैसला किया गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 जनवरी को प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता नहीं होगी. सूत्रों के मुताबिक बातचीत आपसी सहमति से टाली गई है और अब तारीख आगे तय की जाएगी. मसूद अजहर के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई का अभी भारत इंतजार करेगा. जनवरी के आखिरी हफ्ते या फरवरी में बातचीत हो सकती है. पहले विदेश सचिव एस. जयशंकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिले फिर विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं. इसके बाद भारत ने विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर अपना रूख साफ किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि भारत को अभी पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर की गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है. सूत्रों के मुताबिक भारत अभी पठानकोट के दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई को लेकर और इंतजार करेगा. फिर विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर कोई फैसला लिया जाएगा. इससे पहले भारत ने साफ कर दिया था कि पठानकोट हमले के पाकिस्तान में बैठे दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के बाद ही विदेश सचिव स्तर की वार्ता आगे बढेगी. पठानकोट मामले में कार्रवाई के लिए भारत की ओर से बढ़ते दबाव के बीच पाकिस्तान के बहावलपुर से बुधवार को आतंकी अजहर मसूद उसके 12 अन्य सहायकों को हिरासत में लिया. बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के पठानकोट में हुए आतंकी हमले की जांच के लिए पंजाब के अडिशनल आईजी राय ताहिर की अगुवाई में 6 सदस्यीय जांच दल का गठन किया. इसमें पुलिस, आईएसआई, आईबी और एमआई के अधिकारियों को शामिल किया गया है. इससे पहले भारत की ओर से बढ़ रहे कार्रवाई के दबाव और विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द होने की स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को एक बार फिर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. बैठक में देश के अंदर आतंकवादी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने पर चर्चा हुई. मीटिंग के बाद पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान अपनी सीमा के अंदर आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह से आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर जो भी सबूत भारत ने दिए हैं उनके आधार पर कार्रवाई हो रही है. इसके बाद मसूद को हिरासत में लिए जाने की खबर आई. पाकिस्तान सरकार ने कहा, 'आतंकवाद किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भारत की ओर से सबूत और सूचना दिए जाने के बाद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादियों को पकड़ा गया है. आतंकी संगठन के ऑफिस तलाशे जा रहे हैं और उन्हें सील किया जा रहा है. मामले को लेकर जांच जारी है.' बैठक के बाद पाकिस्तान सरकार ने यह भी कहा कि वह सहयोग की अपेक्षा करती है और हमले को लेकर ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान से स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (SIT) को पठानकोट भेजे जाने की योजना है. भारत सरकार से इसके लिए बातचीत की जा रही है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार पठानकोट हमले और आतंकवाद से जुड़े मुद्दे पर भारत सरकार के साथ है. नवाज शरीफ के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री, वित्त मंत्री, पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री, विदेश मामलों के सलाहकार, डीजी आईएसआई, डीजी आईबी के अलावा सेना और पुलिस के कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे.
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