ताज़ा ख़बर

पाकिस्तान पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं, हमें इंतजार करना चाहिएः राजनाथ

नई दिल्ली। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि पठानकोट आतंकी हमले को अंजाम देने वालों के बारे में प्रदान की गई सूचनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने के पाकिस्तान के आश्वासन पर अविश्वास करने का भारत के पास कोई कारण नहीं है। राजनाथ ने कहा, पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह प्रभावी कार्रवाई करेगी और मैं सोचता हूं कि हमें इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा, उनके ऊपर (पाकिस्तान) अविश्वास करने का इतनी जल्दी कोई कारण नहीं है। आतंकी हमले के बाद भारत ने कहा था कि उसने पाकिस्तान को आतंकी हमले को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई करने योग्य खुफिया सूचना उपलब्ध कराई है। सरकार ने कहा है कि पठानकोट आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान हमारे प्रधानमंत्री ने पुरजोर तरीके से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से कार्रवाई करने को कहा है। सरकार ने कहा है कि आतंकी हमले के संबंध में कार्रवाई करने योग्य खुफिया सूचना और पाकिस्तान में इसे अंजाम देने वाले के साथ संबंधों की जानकारी पाकिस्तानी पक्ष को प्रदान की गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने तत्परता से और निर्णायक कार्रवाई करने का वादा किया है। पाकिस्तान से सोमवार को आई खबरों में कहा गया कि पठानकोट हमले के संबंध में वहां की कानून अनुपालन एजेंसियों ने कुछ संदिग्धों को पकड़ा है। पठानकोट हमले पर एनआईए की छानबीन जारी है। मंगलवार को टीम ने सात जीवित कारतूस बरामद किए। एनआईए की टीम जम्मू-कश्मीर के पंजाब से सटे इलाके में सांबा और कठुआ भी गई। वह वहां यह देखने के लिए गई थी कि पठानकोट हमला वहां हुए हमलों से कितना मेल खाता है। उसे एक जीपीएस सेट की भी तलाश है। अगर वह मिल जाए तो उस रास्ते के सबूत मिल जाएंगे जिससे आतंकी दाखिल हुए। फोन इंटरसेप्ट से पता चलता है कि पठानकोट हमले की कामयाबी के बाद जैश ने जश्न भी मनाया। दिल्ली में एक टीम सलविंदर से पूछताछ करती रही। अब उस दरगाह के सेवादार को बुलाने की तैयारी है जहां से निकलने के बाद सलविंदर सिंह कथित तौर पर आतंकियों के हत्थे चढ़े।  
पठानकोट मामले की जांच में पाकिस्तान का नया पैंतरा  
नई दिल्ली (राहुल कंवल)। पाकिस्तान पठानकोट हमले के मामले में भारत से आतंकियों की आवाज के नमूने और फिंगर प्रिंट मांगेगा हैं। साथ ही पाकिस्तान का चाहता है कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता स्थगित नहीं की जानी चाहिए। पाकिस्तानी सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया है कि इस्लामाबाद जल्द ही भारत से भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा रिकॉर्ड की गई कॉल्स की ऑडियो फाइल को मांगने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल नसीर खान जांजुआ अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक तौर पर बात कर सकते हैं। पाकिस्तान सरकार को विश्वास है कि अब तक जो साक्ष्य भारत ने पाकिस्तान के समक्ष रखे हैं, वे पठानकोट पर हमला करने वाले आतंकवादियों के मूल का पता लगाने के लिए प्रभावी ढंग से अपर्याप्त हैं। इस्लामाबाद में सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि अजीत डोभाल ने जो जानकारी पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों को दी है, उसके बाद पाकिस्तान में पठानकोट आतंकी हमले के सिलसिले में अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों को पाकिस्तान के बहावलपुर, गुजरांवाला और झेलम इलाके से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, अभी तक गिरफ्तारी किए गए लोगों में से किसी ने भी पठानकोट हमले के साथ कोई कनेक्शन होने से इनकार किया है। इस जांच को आगे ले जाने के मकसद से पाकिस्तान जल्द ही पठानकोट में भारतीय वायु सेना स्टेशन में मारे गए आतंकवादियों के फिंगर प्रिंट की मांग करेगा।
  • Blogger Comments
  • Facebook Comments

0 comments:

Post a Comment

आपकी प्रतिक्रियाएँ क्रांति की पहल हैं, इसलिए अपनी प्रतिक्रियाएँ ज़रूर व्यक्त करें।

Item Reviewed: पाकिस्तान पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं, हमें इंतजार करना चाहिएः राजनाथ Rating: 5 Reviewed By: न्यूज़ फ़ॉर ऑल