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सीरीज बराबर, विराट कोहली ने विजय पर्व पर दिलायी भारत को विजय

चेन्नई। विराट कोहली ने पिछले आठ महीने से वनडे में शतक का इंतजार समाप्त करते हुए गुरुवार को चेपक स्टेडियम में आकर्षक शतकीय पारी खेली। इसकी बदौलत भारत ने एबी डिविलियर्स के सैकड़े के बावजूद दक्षिण अफ्रीका को चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 35 रन से हराकर देशवासियों को विजय पर्व पर जीत का तोहफा दिया। कोहली ने 140 गेंदों पर छह चौकों और पांच छक्कों की मदद से 138 रन बनाये। उन्होंने अजिंक्य रहाणे (45) के साथ तीसरे विकेट के लिये 104 रन की साझेदारी की और बाद में सुरेश रैना (53) के साथ चौथे विकेट के लिये 127 रन जोड़े। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरने वाला भारत आठ विकेट पर 299 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। डिविलियर्स ने कोहली के प्रयास पर पानी फेरने के लिये अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने 107 गेंदों पर दस चौकों और दो छक्कों की मदद से 112 रन बनाये, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज भारत के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण के सामने नहीं चल पाये। दक्षिण अफ्रीका आखिर में नौ विकेट पर 264 रन तक ही पहुंच पाया। भारत ने इस तरह से पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी। दोनों टीमों के बीच पांचवां और अंतिम वनडे 25 अक्टूबर को मुंबई में खेला जाएगा। कोहली ने इससे पहले वनडे में अपना आखिरी शतक फरवरी में विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ एडिलेड में बनाया था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह उनका पहला शतक, जिससे वह वनडे में टेस्ट खेलने वाले सभी देशों के खिलाफ शतक जड़ने वाले पांचवें बल्लेबाज भी बन गये। डिविलियर्स और कोहली दोनों ने छक्के से अपने शतक पूरे किये। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से डेल स्टेन (61 रन देकर तीन विकेट) और कैगिसो रबादा (54 रन देकर तीन विकेट) ने तीन-तीन विकेट लिये। भारत की तरफ से भुवनेश्वर कुमार ने 68 रन देकर तीन और हरभजन सिंह ने 50 रन देकर दो विकेट लिये। हाशिम अमला फिर से दक्षिण अफ्रीका को अच्छी शुरूआत देने में नाकाम रहे। वह केवल सात रन बनाकर मोहित शर्मा की गेंद पर मिडविकेट पर शिखर धवन को कैच दे बैठे। क्विंटन डिकॉक (43) के तेवर भी दसवें ओवर में हरभजन के रूप में स्पिन आक्रमण शुरू होते ही ठंडे पड़ गये। हरभजन ने अपने अगले ओवर में खूबसूरत गेंद पर इस सलामी बल्लेबाज को दूसरी स्लिप में कैच देने के लिये मजबूर किया। भारत के खिलाफ पिछले चार वनडे में अर्धशतक जड़ने वाले फाफ डु प्लेसिस (17) को दायीं कोहनी पर डिविलियर्स का करारा शॉट झेलना पड़ा। इसके तुरंत बाद उन्होंने अक्षर पटेल की गेंद पर धोनी को कैच थमा दिया। हरभजन ने नये बल्लेबाज डेविड मिलर (6) को पगबाधा आउट करके स्कोर चार विकेट पर 88 रन कर दिया। इससे रन गति धीमी पड़ गयी। डिविलियर्स और फरहान बेहारडीन (22) ने पांचवें विकेट के लिये 56 रन की साझेदारी की, लेकिन इसके लिये उन्होंने 13.5 ओवर खेले। अमित मिश्रा ने बेहारडीन को पगबाधा आउट करके यह साझेदारी तोड़ी। डिविलियर्स इसके बाद आक्रामक हो गए। उन्होंने भुवनेश्वर पर लगातार तीन चौके जड़कर 67 गेंदों पर अपने 50 रन पूरे किये। इससे पहले विराट कोहली के आकर्षक शतक की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करो या मरो वाले चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में आठ विकेट पर 299 रन बनाये। कोहली ने 140 गेंदों पर छह चौकों और पांच छक्कों की मदद से 138 रन बनाये जो उनका आठ महीने से भी अधिक समय में पहला शतक है। उन्होंने वनडे में अपना आखिरी शतक फरवरी में विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ एडिलेड में बनाया था। कोहली ने अजिंक्य रहाणे (45) के साथ तीसरे विकेट के लिये 18.2 ओवर में 104 रन की साझेदारी की और बाद में सुरेश रैना (53) के साथ चौथे विकेट के लिये 18.4 ओवर में 127 रन जोड़े जिससे भारत चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से डेल स्टेन (61 रन देकर तीन विकेट) और कैगिसो रबादा (54 रन देकर तीन विकेट) ने तीन-तीन जबकि क्रिस मौरिस ने एक विकेट लिया। इससे पहले भारत ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (21) और शिखर धवन (सात) के जल्द पवेलियन लौटने से स्कोर दो विकेट पर 35 रन हो गया। रोहित आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे। उन्होंने मौरिस की गेंद पर मिडविकेट पर खड़े फाफ डु प्लेसिस को कैच थमाया जबकि धवन की खराब फॉर्म जारी रही। रबादा की गेंद पर विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक ने उनका कैच लिया। कोहली और रहाणे ने इसके बाद स्थिति संभाली। भारत ने पहले दस ओवर में दो विकेट खोकर केवल 43 रन बनाये लेकिन इसके बाद इन दोनों ने तेजी दिखायी जिससे भारत 19वें ओवर में 100 रन का आंकड़ा पार कर गया। इन दोनों में कोहली ने अधिक दबदबे के साथ बल्लेबाजी की और केवल 51 गेंदों पर अपना पचासा पूरा किया। स्टेन ने रहाणे को डिकॉक के हाथों कैच कराकर यह साक्षेदारी तोड़ी। रहाणे ने अपनी पारी में 53 गेंद खेली और चार चौके लगाये। उन्होंने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के उन्हें नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिये भेजने के फैसले को भी सही साबित किया। भारतीय टेस्ट कप्तान ने 38वें ओवर में आरोन फैंगिसो पर लांग ऑन क्षेत्र में छक्का जड़कर अपना 23वां वनडे शतक पूरा किया। उन्होंने इसके लिये 112 गेंदों का सामना किया और चार चौके और तीन छक्के लगाये। रैना ने 52 गेंदों पर 53 रन बनाकर फॉर्म में वापसी की। उन्होंने स्टेन की गेंद पर आउट होने से पहले अपनी पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया। रैना ने लंबा शॉट खेलने के प्रयास में मिडविकेट पर डिविलियर्स को कैच थमाया। डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाने के प्रयास में कोहली और हरभजन सिंह (शून्य) दोनों रबादा की लगातार गेंदों पर आउट हुए। कप्तान धोनी (15) ने भी आखिरी ओवर में अपना विकेट गंवाया। उन्होंने स्टेन की शॉर्ट पिच गेंद को उठाकर मारने के प्रयास में मिड ऑफ पर डिविलियर्स को कैच दे दिया। इस तरह से भारतीय टीम डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाने में नाकाम रही। उसने आखिरी पांच ओवरों में केवल 29 रन बनाये और इस बीच चार विकेट गंवाये।
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