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बुलंद हौसले राह-ए-मंजिल को आवाज देते हैं...


सपा का टिकट लेकर जीरादेई पहुंचे राणा प्रताप सिंह का हजारों की भीड़ ने किया अभिनन्दन, नारों से गूंजे इलाके, गांवों में चलाया जनसम्पर्क
जीरादेई (सीवान, बिहार, भारत)। गजलकार ‘वीर’ ने ठीक ही लिखा है...
बुलंद हौसले राह-ए-मंजिल को आवाज़ देते हैं, आओ तुम्हें हम, अपने क़दमों से नवाज़ देते हैं, ऐसे मौके बार-बार मिलते नहीं हैं सबको, कम ही होते हैं, जो जिंदिगी को नये आगाज़ देते हैं, हर मुश्किल का सामना अपना सर उठा के कर, ये वो लम्हें हैं, जो बाद में बहुत नाज़ देते हैं।
जी हां, 07 अक्टूबर 2015 को वही लम्हा दिखा जीरादेई मोड़ पर। मौका था राणा प्रताप सिंह के इस्तकबाल का। जोश-ओ-जुनून से लबरेज उनका हर समर्थक तब उनके दीदार को बेचैन था, जब वो समाजवादी पार्टी का टिकट लेकर पटना से क्षेत्र में आ रहे थे। हालात ये थे कि हर कोई उनके करीब पहुंचने को व्यग्र था और उनमें भी सबसे मिलने की बेसब्री थी। जिन्होंने भी इलाके में नहीं देखा होगा, उन्हें निश्चित ही राणा प्रताप सिंह में आज एक शानदार जननेता का अक्स दिखा। हालांकि यह सबको पता है कि राणा प्रताप सिंह जीरादेई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। चट्टानी फैसले लेने के लिए राणा प्रताप की जज्बे की बखान करने वाले बताते हैं कि वो जो ठान लेते हैं, करके ही मानते हैं। आज उन्होंने कुछ इसी तरह का नजारा दिखाया। दरअसल, वे जीरादेई क्षेत्र से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। अपरिहार्य कारणों से यह सीट जदयू के खाते में चली गई। इससे राणा प्रताप सिंह बेटिकट हो गये। आखिरकार उन्होंने तीसरे मोर्चे की प्रमुख घटक समाजवादी पार्टी से टिकट लेने का प्रयास शुरू किया, जिसमें उन्हें अंततः सफलता मिल गई। जानकारों का कहना है कि जब राणा प्रताप सिंह के समर्थकों को यह जानकारी मिली कि उन्हें सपा से टिकट मिला है तो वे उत्साह से लबरेज होकर उनके अभिनन्दन को बेचैन हो गए। स्थिति यहां तक बन गई कि इस संबंध में उनसे फोन पर बातचीत तथा उनके बड़े भाई रण विजय सिंह से मिलकर लोग इस संबंध में जानकारी हासिल करने लगे। हालात यहां तक बन गए राणा प्रताप सिंह को सपा से टिकट मिलने की बात जंगल की आग की तरह गांव-गांव में फैल गई। आखिरकार वो घड़ी आ गई, जब राणा प्रताप सिंह के सिम्बल लेकर जीरादेई पहुंचने का कार्यक्रम तय हो गया।
बुधवार की सुबह करीब पौने ग्यारह तपती धुप में क्षेत्र के हर गांव से आए उनके हजारों समर्थकों का मजमा देखते बन रहा था। जीरादेई मोड़ पर भारी संख्या में चार पहिया व दो पहिया वाहनों का तांता देखने लायक था। जीरादेई मोड़ पर ज्योंहि राणा प्रताप सिंह अपनी गाड़ी से पहुंचे समर्थकों का हुजूम फूला-माला लेकर उमड़ पड़ा और नारे गूंजने लगे। सबसे पहले उन्होंने जीरादेई मोड़ स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की और जीरादेई गांव में जाकर देशरत्न डा.राजेन्द्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। तत्पश्चात आसपास के दर्जन भर गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से वोट मांगे। उनके साथ दीनानाथ सिंह, अजीत सिंह, दिलीप सिंह, मुन्ना सिंह, संजय मिश्र मुखिया, रामनरेश तिवारी, ऋषि पाण्डेय, सुशील तिवारी, सन्नी जायसवाल, स्वामीनाथ सिंह, अरविन्द सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक जायसवाल, अशोक पहलवान मिठाई दुकान, सोनू सिंह, शमशुद्दीन, फैज राजा, शाहनवाज इमाम, इरशाद, डबलू अंसारी, राजू अंसारी, मोहम्मद असगर, सरफराज अंसारी, मो.शुरू, मुन्ना यादव, मन्नान यादव, वीरेन्द्र यादव, सतीश यादव, मो.जाहिद, उमा शंकर यादव, शशि यादव, कैलाश, मो.रफीक, अतुल चौरसिया, अशोक चौरसिया, दीनानाथ चौरसिया, झुन्नू श्रीवास्तव,, हरिकेश मदेशिया, मनोज मदेशिया, विकास चौरसिया, नगीना तुरहा, घनश्याम तुरहा समेत हजारों समर्थक मौजूद रहे। उधर, चुनाव आयोग के निर्देशानुसार स्थानीय प्रशासन भी जुलूस व भीड़ की वीडियोग्राफी में जुटा रहा।
 रिपोर्ट एवं फोटोः रारंति और सन्नी
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