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जीरादेई विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा का टिकट एक धनबलि के हाथों बिकते-बिकते रह गया!

रघुनाथपुर के बीजेपी विधायक विक्रम कुंवर का दावा, पार्टी ने शहाबुद्दीन के शूटर मनोज सिंह को 2 करोड़ में बेचा टिकट 
पटना। बिहार बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं है। आरा से बीजेपी सांसद आरके सिंह के बाद एक मौजूदा विधायक ने अपनी ही पार्टी पर वैसे ही आरोप लगाए हैं। सीवान के रघुनाथपुर से विधायक विक्रम कुंवर ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने शहाबुद्दीन के शूटर को 2 करोड़ रुपये में टिकट बेच दिया। दरअसल, विक्रम को इस बार टिकट नहीं मिला. उनकी जगह मनोज सिंह को टिकट दिया गया है। विक्रम ने कहा कि जिस मनोज को टिकट दिया है वह माफिया है। उसने जमीन हड़पने का काम किया है। आरके सिंह ने भी विक्रम के आरोपों को सही बताया है। कुंवर विक्रम ने कहा कि मनोज सिंह से उनकी जान को खतरा है। क्योंकि वह आदमी उनकी हत्या करवा सकता है। विक्रम ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। कहा कि नरेंद्र मोदी का नारा लगवाना महंगा पड़ा। इससे पहले पूर्व गृह सचिव और सांसद आरके सिंह ने भी कहा था बिहार में पैसे लेकर अपराधियों को टिकट दिए जा रहे हैं। उन्होंने इस पर नाराजगी भी जताई थी। अब विक्रम ने कहा कि वह खुद आरके सिंह के आरोपों का जीता जागता उदाहरण हैं। उनका टिकट काटकर माफिया को दिया गया। आरके सिंह के दावे पर विवाद बढ़ता देख गृह मंत्री राजनाथ सिंह तक को सफाई देनी पड़ी थी। उन्होंने कहा था कि बीजेपी में निष्पक्ष तरीके से सोच समझकर टिकट दिया जाता है।
सीवान जिले के जीरादेई विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा का टिकट एक धनबलि के हाथों बिकते-बिकते रह गया 
सूत्रों का कहना है कि जीरादाई विधानसभा क्षेत्र में एक धनबलि के हाथों भाजपा का टिकट बिकते-बिकते रह गया। कहा जा रहा है कि उक्त धनबलि ने लखनऊ में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के पुत्र को 22 लाख रुपए की कार भेंट की थी और पटना में पार्टी के राष्ट्रीय नेता के लिए कार्यक्रम आयोजित कराने के सारे खर्चे वहन किए थे। उक्त तथ्य सूत्रों के हवाले से है। सूत्रों के अलावा मौजूदा विधायक आशा पाठक के हवाले से भी उनके कुछ करीबियों द्वारा इस तरह के आरोप एक चर्चित नेता पर लगाया जा रहा है। यद्यपि अपुष्ट सूत्रों ने नाम की भी जानकारी दे दी है, लेकिन इसका खुलासा पूरी पुष्टि के बाद किया जाएगा।
'शूटर' का सच जाने 
टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी में उठा विवाद रोज नई करवटें ले रहा है। एक दिन पहले आरा के बीजेपी सांसद आरके सिंह ने बीजेपी पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया था। अब सीवान जिले के रघुनाथपुर से बीजेपी विधायक विक्रम कुंवर ने पार्टी पर दो करोड़ में टिकट बेचने का आरोप लगाया है। आरके सिंह और विक्रम कुंवर दोनों राजपूत जाति से आते हैं। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के आंतरिक सर्वे में विक्रम कुंवर के हार जाने की आशंका जताई गई थी. इलाके के लोगों के साथ ही बीजेपी कार्यकर्ता भी विक्रम कुंवर के कामकाज से खुश नहीं थे। इसीलिए पार्टी ने विक्रम कुंवर की जगह मनोज सिंह को टिकट दिया। विक्रम कुंवर मनोज सिंह पर शहाबुद्दीन के शूटर होने का आरोप लगाकर बीजेपी पर हमला बोल रहे हैं। जबकि एक हकीकत ये भी है कि मनोज सिंह बीजेपी के विधान परिषद सदस्य भी रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव में मनोज सिंह सीवान से बीजेपी के टिकट के दावेदार थे। लेकिन पार्टी ने निर्दलीय सांसद रहे ओमप्रकाश यादव को उम्मीदवार बनाया। उस चुनाव में बीजेपी छोड़कर मनोज सिंह जेडीयू में शामिल हो गए थे। जेडीयू ने मनोज सिंह को टिकट दिया लेकिन जीत ओम प्रकाश यादव की हुई। इसी साल मई महीने में मनोज सिंह दल बल के साथ बीजेपी में वापस आ गए। पटना में घर वापसी के बाद सीवान में मिलन समारोह को लेकर जो पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी उसमें विधायक विक्रम कुंवर भी मौजूद थे। स्थानीय अखबारों के मुताबिक तब विक्रम कुंवर ने भी कहा था कि मनोज सिंह के आने से पार्टी और मजबूत हो गई है। अब वही विक्रम कुंवर टिकट कटने के बाद मनोज सिंह को शहाबुद्दीन का शूटर बताकर पार्टी पर हमला ही नहीं बोल रहे बल्कि जान पर खतरा भी बता रहे हैं। पार्टी के सूत्र कह रही है कि विक्रम कुंवर को लेकर मिले फीडबैक के बाद पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदला और मनोज सिंह को टिकट दिया। इसी साल हुए विधान परिषद के चुनाव नतीजों के बाद मनोज सिंह ने पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दे दी थी। शहाबुद्दीन फिलहाल राजनीति के अतीत हो चुके हैं। पिछले दिनों उन्हें सीवान से भागलपुर जेल शिफ्ट किया गया है। पत्नी की लोकसभा में हुई हार के बाद उनका खेमा एक भी चुनाव नहीं जीत पाया है। सीवान के लोग बताते हैं कि शहाबुद्दीन का राज अब सीवान से खत्म हो गया है लेकिन नए नए साहेब सीवान में पैदा हो गये हैं। विक्रम कुंवर और आरके सिंह प्रकरण को लेकर एक सवाल ये भी है कि क्या ये राजपूत राजनीति की कोई नई रणनीति तो नहीं है? सूत्रों का कहना है कि आरके सिंह अपने रिश्तेदार के लिए टिकट चाह रहे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। विक्रम कुंवर तो खुद पीड़ित हैं। बीजेपी ने इस बार सबसे ज्यादा 30 राजपूतों को टिकट दिया है।
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