ताज़ा ख़बर

OROP में वॉलिंटरी रिटायरमेंट पर रक्षा मंत्री के आश्वासन से मान गए पूर्व सैनिक!

नई दिल्लीे। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और पूर्वसैनिकों के प्रतिनिधियों के बीच हुई एक बैठक के बाद आखिर शनिवार को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) का मुद्दा सुलझ गया। मेजर जनरल सतबीर सिंह (सेवानिवृत्त) ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि समयपूर्व सेवानिवृत्ति (वॉलिंटरी रिटायरमेंट) लेने वालों को ओआरओपी से वंचित करने के मुद्दे पर उन्होंने चर्चा की। सिंह ने कहा, 'समयपूर्व सेवानिवृत्ति के मुद्दे पर हम चर्चा चाहते थे। रक्षामंत्री ने पुष्टि की कि सशस्त्र बलों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं है, बल्कि सिर्फ समय पूर्व सेवानिवृत्ति है।' उन्होंने कहा, 'जी हां, इस बयान के बाद हम संतुष्ट हैं।' सिंह ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने का निर्णय जल्द ही लिया जाएगा। सरकार द्वारा घोषित ओआरओपी का आधार वर्ष 2013 है, और इसके क्रियान्वयन की तिथि पहली जुलाई, 2014 है। पेंशन की समीक्षा और संशोधन हर पांच साल पर होगा। इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पूर्व सैनिकों की करीब 40 साल पुरानी लंबित मांग वन रैंक-वन पेंशन (OROP) का ऐलान कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रें स में इसकी घोषणा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 'यह मांग चार दशकों से लंबित थी। सरकार इसे लागू कर रही है और इस पर 8 से 10 हजार करोड़ का सालाना खर्चा होगा। पूर्व सैनिकों को 1 जुलाई 2014 से इसका लाभ मिलेगा। सैनिकों को 4 किस्तोंह में बकाया पैसा मिलेगा। हालांकि शहीदों के परिवारों को एक किश्ते में बकाया दे दिया जाएगा। वीआरएस लेने वाले सैनिकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा होगी।' रक्षा मंत्री के OROP पर ऐलान के बाद पूर्व सैनिकों ने कहा कि 'हम सरकार के ऐलान से संतुष्ट हैं। रक्षा मंत्री ने हमारी मांगें मान ली हैं।' हालांकि उन्होंने वीआरएस के मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए सरकार से सफाई मांगी और कहा कि 'वीआरएस लेने वाले सैनिकों को इसका लाभ न दिए जाने वाली बात हमें मंजूर नहीं। उन्हेंज भी इसका फायदा दिया जाना चाहिए। साथ ही हमें एक सदस्यीाय आयोग भी मंजूर नहीं। हम 5 सदस्यों की कमेटी चाहते हैं। इस आयोग को 6 महीने नहीं सिर्फ 30 दिन मिलें।' पूर्व सैनिकों ने कहा, 'हमें पेंशन पर पांच साल पर समीक्षा भी मंज़ूर नहीं है। सरकार ने हमारा सिर्फ़ एक प्वाइंट माना, 6 नहीं माने।' इसके साथ ही पूर्व सैनिकों ने इस मुद्दे पर भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया। हालांकि कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा। पूर्व सैनिकों के वन रैंक-वन पेंशन के मुद्दे पर पूरी तरह संतुष्टल न होने के बीच रक्षा राज्यामंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सरकार के लिए सभी को खुश करना संभव नहीं है। उधर, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में जो भी कमी रह गई है, उसे दूर किया जाएगा। इससे पहले इस मसले पर पूर्व सैनिकों ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात भी की। रक्षा मंत्री से मिलने के बाद मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सतबीर सिंह ने बताया कि उनकी रक्षा मंत्री के साथ अच्छे वातावरण में बैठक हुई। बताया कि वन रैंक, वन पेंशन कॉन्सेप्ट को सरकार ने मंज़ूर किया है। सरकार मोटे तौर पर पूर्व सैनिकों की बातों से सहमत हो गई है। बाकी आज सरकार की तरफ से वन रैंक-वन पेंशन पर बयान आने के बाद वे अपना रूख साफ करेंगे। उधर, पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर बीजेपी अध्यसक्ष अमित शाह से मिलने उनके आवास पहुंचे। रक्षा मंत्री से मुलाकात से पहले जंतर-मंतर पर एक प्रेस कॉन्फ्रें स कर पूर्व सैनिकों ने साफ कह दिया कि वह वीआरएस लेने वालों, फैमिली पेंशनरों और विकलांग पेंशनरों के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्हों ने स्परष्ट कहा, अगर सरकार की पेंशन योजना का खाका उनके मुद्दों से नहीं मिला तो वे इसे नहीं मानेंगे। पूर्व सैनिकों ने आगे कहा कि हमें सरकार से कुछ संकेत मिले हैं। हम खुले मन से रक्षा मंत्री से मिलने के लिए जाएंगे और उनकी बात सुनने के बाद निर्णय लेंगे। उन्होंंने कहा, हमारी मांग है कि सारे पेंशनरों को फायदा मिलना चाहिए। वीआरएस लेने वाले सैनिकों को भी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। कल ही पूर्व सैनिकों ने कहा था सरकार एक साल में पेंशन की समीक्षा को तैयार नहीं हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होगा तो ये वन रैंक-वन पेंशन नहीं होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वो दो साल में समीक्षा के लिए तैयार हैं, लेकिन तीन साल या पांच साल मानने का कोई सवाल ही नहीं है। पूर्व सैनिकों ने कहा था कि सरकार ने कहा है कि थोड़े पैसे बचाने हैं, इसलिए अगर वो वन रैंक-वन पेंशन को एक जून 2014 से लागू करती है तो भी उन्हें एेतराज़ नहीं होगा। दरअसल, ये करीब 40 साल से चला आ रहा पुराना मुद्दा है, जिसका सरकार सम्मानजनक हल निकालने में जुटी हुई थी। सरकार उम्मीद कर रही है कि इस ऐलान के बाद करीब तीन महीने से चला आ रहा पूर्व सैनिकों का आंदोलन खत्म होगा। हालांकि पूर्व सैनिकों ने अपने विरोध को खत्मच नहीं करने की बात कही है। सरकार इसलिए भी ये ऐलान जल्द कर रही है, क्योंकि अगले हफ्ते किसी भी दिन बिहार चुनाव का ऐलान हो सकता है और उसके बाद वह वन रैंक-वन पेंशन का ऐलान नही कर सकती।
  • Blogger Comments
  • Facebook Comments

0 comments:

Post a Comment

आपकी प्रतिक्रियाएँ क्रांति की पहल हैं, इसलिए अपनी प्रतिक्रियाएँ ज़रूर व्यक्त करें।

Item Reviewed: OROP में वॉलिंटरी रिटायरमेंट पर रक्षा मंत्री के आश्वासन से मान गए पूर्व सैनिक! Rating: 5 Reviewed By: न्यूज़ फ़ॉर ऑल