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सोनिया, नीतीश और लालू एक मंच पर आये, मोदी पर जमकर साधा निशाना

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिये आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने महागठबंधन के संयुक्त प्रचार अभियान की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि मोदी ने सिर्फ झूठे वादे किये हैं और अब तक कुछ भी नहीं दिया है जिसके कारण लोगों का उनसे विश्वास उठ चुका है। बिहार में पहली बार नीतीश कुमार के साथ पहली बार मंच साझा कर रही सोनिया गांधी ने गांधी मैदान में जदयू, राजद, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के महागठबंधन की ओर से आयोजित स्वाभिमान रैली में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक सिर्फ शो बाजी की है, इसके अलावा कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मोदी ने लोकसभा चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किये लेकिन इन वादो में से एक भी पूरा नहीं किया। अब फिर से झूठे वादे किये जा रहे है लेकिन जनता का उन पर भरोसा नहीं रहा है और वे अब ऐसे वादों पर विश्वास करने वाले नहीं हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने हर साल एक करोड़ नौजवानों को रोजगार देने का वादा पूरा करना तो दूर नौकरी पर ही पाबंदी लगा दी है। इसी तरह मनरेगा समेत महिलाओं और बच्चों के कल्याण की योजनाओं में भी कटौती कर दी है। उन्होंने मोदी सरकार को किसान विरोधी बताया और कहा कि किसानों को उनके उपज पर लागत मूल्य जोड़कर 5० प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा भी पूरा करना तो दूर अब उनकी जमीन को छीनकर अपने चंद अमीर दोस्तों बांटना चाहती थी लेकिन जब कांग्रेस समेत अन्य दलों ने मिलकर लड़ाई लड़ी तो सरकार को झुकने के लिये बाध्य कर दिया। सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में महंगाई बढ़ रही है और रूपये की कीमत कम होती जा रही है। आज से दो साल पहले भाजपा के एक नेता ने कहा था कि आज रुपये ने अपनी कीमत और प्रधानमंत्री ने अपनी गरीमा खोई है। आज वह उनसे पूछना चाहती है कि क्या प्रधानमंत्री की गरिमा उससे भी नीचे नहीं गिर चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी पाकिस्तान को लेकर पहले हमेशा चुनौती देते रहते थे लेकिन आज जब हमारे जवान शहीद हो रहे है और कश्मीर में नागरिकों पर हमले हो रहे हैं तब वह क्या कर रहे है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज देश उनसे जानना चाहता है कि पाकिस्तान को लेकर उनकी क्या नीति है। उन्होंने कहा कि 56 इंच का सीना दिखाकर और जनता से झूठे वादे कर वोट हासिल करने वाले मोदी फिर से बिहार में झूठे वादे कर रहे है लेकिन काला धन की वापसी, मोदी गेट और व्यापम घोटाले पर मौन धारण कर लेते है। उन्होंने कहा कि वह बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई को धार और उनका साथ देने के लिये वह यहां आयी है। सोनिया गांधी ने कहा कि बिहार गौरवशाली इतिहास रहा है। यह चंद्रगुप्त, चाणक्य, गुरु गोविंद सिंह और बाबू वीर कुंवर सिंह की धरती है। वह यहां के स्वाभिमानी लोगों को प्रणाम करती है। बिहार के लोग अपने सम्मान की रक्षा किसी भी कीमत पर करते है लेकिन प्रधानमंत्री जब भी मौका मिलता है वह यहां के लोगों को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ते हैं। कभी बिहार के लोगों के डीएनए में खराबी बताकर उसे अपमानित करते है तो कभी बिहार को बीमारु बताते है। उन्होंने कहा कि वहीं कांग्रेस ने बिहार के लोगों का हमेशा सम्मान और उनकी प्रतिभा का आदर किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रदेश को हर क्षेत्र में विकास के राह पर ले जाने में कांग्रेस का योगदान रहा है। केन्द्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासनकाल के दौरान कई योजनाओं को मंजूरी दी गयी जिसके कारण यहां नीतीश कुमार के नेतृत्व में तरक्की हुयी। इसमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का भी सराहनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार को और अधिक आर्थिक सहयोग की जरुरत है उसे मिलना चाहिए। यह उसका हक है। सोनिया गांधी ने कहा कि महागठबंधन में शामिल दल भाजपा के झूठे वादे और साम्प्रदायिक सोच के खिलाफ एकजुट हुए है। महागठबंधन धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर विश्वास करता है और आपसी सछ्वाव बनाकर राजनीति करता है। जो लोग पहले से पिछड़े हुये है उन्हें बराबरी में लाना चाहता है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बिहार के लोग अपने स्वभामिन की रक्षा और प्रदेश की प्रगति के लिए नीतीश कुमार को अपना पूरा समर्थन देंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसान विरोधी भूमि अध्यादेश को फिर से नही लाने की बात मानकर विपक्ष की एकता के सामने घुटने टेक दिये है। यह लोगों की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में केन्द्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून बनाया था जिसका भाजपा समेत सभी दलों ने समर्थन किया था लेकिन केन्द्र में जब मोदी सरकार बनी तो उसने उस कानून को कमजोर करने के प्रयास में तीन बार अध्यादेश लाया जिसका जबर्दस्त विरोध हुआ और इसके कारण ही उन्हें (प्रधानमंत्री) झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने मन की बात नहीं बल्कि लोगों के दिल की बात कही है। नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यकाल का लगभग एक चौथाई पूरा कर चुके है लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया। लोकसभा चुनाव के समय कालाधन वापस लाकर हर भारतीय को 15 से 20 लाख रूपया देने और सरकारी कर्मचारियों को भी पांच से दस प्रतिशत देने का वादा किया था। इसी तरह युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था। इसी झांसे में लोग आ गये और उन्हें वोट दे दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद वे अपने वादे को भूल गये और उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन वादों को चुनावी जुमला कह दिया। इससे लोग ठगा महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जब बिहार में चुनाव होने वाला है तब प्रधानमंत्री को 14 महीने के बाद बिहार की याद आयी है। उन्होंने कहा कि चुनाव को देखकर प्रधानमंत्री ने सवा लाख करोड़ रूपये के विशेष पैकेज की घोषणा की है लेकिन इसमें 87 प्रतिशत अर्थात एक लाख आठ हजार करोड़ रूपया पुरानी योजनाओं का ही है और उसे ही रिपैकेजिंग कर विशेष पैकेज का नाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब उनपर (प्रधानमंत्री) भरोसा करने वाले नहीं है। नीतीश ने कहा कि वह बिहार के लोगों का प्रतिनिधित्व करते है और उनके बारे में प्रधानमंत्री ने कह दिया कि उनके डीएनए में गड़बड़ है। उनका डीएनए वही है जो बिहार का लोगों का है, इसलिये बिहार के लोगों का डीएनए सैम्पल कल से जांच के लिये प्रधानमंत्री को भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें अहंकारी भी कहा गया, लेकिन वह उन लोगों को बता देना चाहते है कि उनके खून में अंहकार नहीं बल्कि स्वाभिमान है। उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे और आज वे लोग उनके डीएनए को चुनौती दे रहे हैं जिनके पूर्वजों का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नही था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को दिखाकर बिहार के लोगों को जंगलराज का डर दिखाया जा रहा है। बिहार में उनकी सरकार राजद तथा कांग्रेस के सहयोग से ही चल रही है और कभी भी लालू यादव ने किसी अपराधी के लिये कोई सिफारिश नहीं की है। इसलिये इस तरह के आरोप लगाने से बड़ी बेइमानी और कुछ नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज बिहार में कानून का राज कायम है लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री राजद को रोजाना जंगलराज का डर और जदयू को जनता दमन और उत्पीड़न कह कर उसका नामाकरण रहे हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा के दफ्तर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल तीनों पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में मुख्यमंत्री की छाती तोड़ देने की धमकी दी जाती है और प्रधानमंत्री उसी धमकी देने वाले को गया की रैली में अपना प्रिय मित्र बताते है। क्या यह मंगल राज है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पटना में एक युवक की हत्या की भी चर्चा की थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई और अनुसंधान की तब पता चला कि जिसकी हत्या हुयी और जिसने हत्या की दोनों ही उनके (भाजपा) लोग थे। मुख्यमंत्री ने बिहार में अपराध की घटनाओं में वृद्धि के संबंध में प्रधानमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के 2014 के आंकड़ें के अनुसार देश में एक लाख की आबादी पर अपराध का राष्ट्रीय औसत 229 है जबकि दिल्ली में यह आंकड़ा 767.4, मध्यप्रदेश में 358.8, हरियाणा में 258.2, छत्तीसगढ़ में 229.7, गुजरात में 213.3, महाराष्ट्र में 212.3 और बिहार में 174.2 है। इस तरह बिहार देश में 22वें पायदान पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि केन्द्र सरकार के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस के अलावा मध्यप्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और गुजरात और महाराष्ट्र जो बिहार से इस मामले में आगे है वहां किसका शासन है और क्या वहां भी जंगल राज है।
'DNA Sample' के लिए लोगों ने कटवाए बाल
जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस महागठबंधन की स्वाभिमान रैली में में लगे काउंटर जहां 'डीएनए सैंपल' के लिए लोगों के बाल लिए जा रहे हैं। याद दिला दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने मुज़फ्फरपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'डीएनए' पर टिप्पणी की थी। हालांकि बाद में भाजपा की ओर से सफाई दी गई थी कि पीएम का तात्पर्य नीतीश के 'राजनीतिक डीएनए' से था। लेकिन इसे बिहारियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को 50 लाख बिहारियों के डीएनए भेजने की बात कह डाली और इसे एक राजनीतिक अभियान का नाम दे डाला। इस अभियान के लिए छपे पैंपलेट में लिखा है 'मुझे बिहारी होने पर गर्व है, हमारे डीएनए में कोई खराबी नहीं है। शक है तो जांच करा लें।' स्वाभिमान रैली भी इसी अभियान का हिस्सा है जिसके लिए लालू, नीतीश और सोनिया गांधी का एक साथ मंच पर आना भी काफी चर्चा में बना हुआ है। वैसे नीतीश कुमार ने स्वाभिमान पर पहुंची इस ठेस को सिर्फ डीएनए सैंपल तक ही सीमित नहीं रखा है। इसके अलावा पूरे बिहार में धरना और एक करोड़ हस्ताक्षर लेना भी शामिल है। 
-राजीव रंजन तिवारी (+91 8922002003)
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