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केन्द्र की सत्ता पाते ही अहंकार में डूब गई है भाजपाः राजेन्द्र चौधरी

लखनऊ। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा केन्द्र की सत्ता में आकर उसके अहंकार में डूब गई है तो बसपा चुनावों में बुरी तरह पिटकर हताश और निराश है। दोनों ही पार्टियां सपा की सरकार की लोकप्रियता व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास से कुंठित होकर प्रदेश में अव्यवस्था व अराजकता को बढ़ावा देने में लग गई है। ये दोनों ही दल नहीं चाहते कि प्रदेश का विकास हो, किसान व गरीब खुशहाल जिंदगी जिएं और उत्तर प्रदेश भी आदर्श प्रदेश बने। अखिलेश यादव का दृढ़ संकल्प है कि उनकी सरकार को विकास के रास्ते से कोई नहीं डिगा सकता है। प्रदेश में बसपा तो समाजवादी सरकार बनने के पहले दिवस से ही राष्ट्रपति राज की मांग करने लगी हैं। उसे न तो संविधान का ज्ञान है और नहीं संसदीय प्रणाली में उसका विश्वास है। बसपा ऐसा दल है जिसका न कोई नीति कार्यक्रम है और न हीं जिसका चुनाव घोषणा पत्र होता है। बसपा के पॉच साल के शासनकाल में प्रदेश वर्षो पीछे चला गया और हर विभाग में हर स्तर पर लूट मची रही। सरकारी खजाना मूर्तियों, पार्कों स्मारकों पर खर्च कर दिया गया। सब जानते हैं कि सुश्री मायावती के मुख्यमंत्रित्व काल में बसपा के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक और मंत्री तक बलात्कार, अपहरण, हत्या और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल गये थे। थाने में किशोरी को मारकर पेड़ पर लटका दिया गया था। बसपा मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर चंदा वसूली न देने पर एक इंजीनियर को बसपा विधायक ने निर्ममता से मार डाला था। बसपाराज में आतंक इतना था कि कई अधिकारियों तक को अपनी जान गंवानी पड़ गयी थी। बिडम्बना है कि अब बसपा प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर विधानभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन की बात करती है। जिस दल ने कभी किसानों, गरीबों की बात नहीं की, महिलाओं को सम्मान नहीं दिया, प्रदेश को विकास में पीछे ढकेल कर कर्ज में डुबों दिया हो वह अब जनता के प्रति झूठी हमदर्दी दिखाने का नाटक कर रही है। भाजपा का प्रदेशीय नेतृत्व इन दिनों कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ को ही विरोधी दल का कर्तव्य मान बैठा है। उसके प्रदर्शनों में हिंसा और तोड़फोड होने से जनसामान्य को तमाम तकलीफें उठानी पड़ती हैं। पुलिस कर्मियों पर पथराव, अधिकारियों पर हमला और राजधानी में पार्टी कार्यालय से सुतली बम और ईट गुम्मों की बरसात से स्पष्ट है कि प्रदेश को अराजकता में झोंक देने की सुनियोजित साजिश हो रही है। भाजपा नेतृत्व जानबूझ कर अराजकता को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। सपा भाजपा-बसपा की साठगांठ की राजनीति को बहुत अच्छी तरह समझती है। इन दलों की मंशा प्रदेश में समाजवादी सरकार के विकास एजेन्डा को विफल करने की है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का इरादा है कि वह प्रदेश में भाजपा-बसपा की हिंसा फैलाने की राजनीति को भी सफल नहीं होने देंगे। समाजवादी सरकार कानून व्यवस्था भंग करने वालों को कानून का पाठ पढ़ाने में सक्षम है।
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