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गैंगवार के बाद खूनी संघर्ष से थर्राया फैजाबाद कोर्ट कैम्पस

अवनीश मिश्र, फैजाबाद। पूर्व विधायक इन्द्रभद्र सिंह की हत्या से शुरू हुए गैंगवार ने फैजाबाद कचेहरी में खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, दोपहर होते-होते न्यायालय परिसर बमों और गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। इस घटना में एक कथित साधु की मौत हो गयी और धनपतगंज के ब्लाक प्रमुख मोनू सिंह सहित पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये। बीकापुर के कानूनगो रामकुमार यादव की सन् 2010 में हुई हत्या का मुकदमा जिला सत्र न्यायालय की अदालत में चल रहा है जिसमें मोनू सिंह सहित नौ लोग अभियुक्त हैं। इस मामले में आज अभियुक्तों के खिलाफ भादवि की धारा 313 के तहत बयान दर्ज होना था। इसी सिलसिले मे मोनू सिंह और अन्य अभियुक्त पेशी पर आये थे। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से बिरत रहने के कारण न्यायालय ने मामले में अगली तारीख 30 जुलाई की दे दी थी। न्यायालय कक्ष से तारीख मिलने के बाद मोनू और उनके साथी जैसे ही परिसर से बाहर जाने के लिए निकले और न्यायालय के उत्तर पश्चिमी गेट के तरफ बढ़ ही रहे थे कि वहां घात लगाये बैठे हमलावरों ने उन पर बमों से हमला कर दिया जिससे मोनू और उनके चार साथी राजकुमार सिंह, मनोज सिंह, ऋषिदेव मिश्रा अधिवक्ता, श्रवण कुमार गुप्ता घायल हो गये। इस हमले के जवाब में मोनू और उनके साथियों ने भी हमलावरों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी जिसमें एक हमलावर की मौत हो गयी। हमलावरों में से एक को वहां मौजूद लोगों और अधिवक्ताओं ने दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया। हमलावर संत ज्ञानेश्वर के समर्थक बताये जाते हैं। घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें उपचार के लिए लखनऊ भेज दिया गया। पुलिस ने मृतक साधु की पहचान नेपाल के साहिल के रूप में की है जो संत ज्ञानेश्वर के बाराबंकी स्थित आश्रम में रहता था। पकड़ा गया एक अन्य हमलावर जयनेन्द्र शर्मा जनपद आगरा के अछनेरा थाने का निवासी बताया जाता है। इस मामले में यशभद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह की तरफ से नगर कोतवाली पुलिस में पूर्व मंत्री सुलतानपुर निवासी विनोद सिंह, कमला देवी और ज्ञानेन्द्र शर्मा आदि के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गये। कचेहरी परिसर पुलिस चौकी में सुरक्षा में रखे गये हमलावर को बाहर निकालने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। मण्डलायुक्त विपिन कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रवीर यादव और एसएसपी के.बी. सिंह भारी पुलिस बल के साथ पुलिस चौकी पहुंचे। जिलाधिकारी डॉ. यादव को माइक से भीड़ को हटाने की घोषणा करनी पड़ी। भीड़ के जबरदस्त विरोध के बीच हमलावर जयनेन्द्र शर्मा को पुलिस जीप में कोतवाली नगर भेजा गया। न्यायालय परिसर में मृत पड़े हमलावर साधु को आत्मघाती होने की चर्चा से उसे देखने के लिए भारी भीड़ जुटी थी जिससे बम डिस्पोजल दस्ते को जांच करने में दिक्कतें हो रही थी। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार सख्ती करते हुए भीड़ को हटाया। मौके से तीन जीवित बम मिले हैं जो तम्बाकू के डिब्बे में रखे थे, उन्हें पानी में डालकर निष्प्रभावी कर दिया गया। दोपहर साढ़े 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक कचेहरी में घटना को लेकर जहां अफरा-तफरी मची थी वहीं जिला चिकित्सालय भी घायलों के साथियों की भीड़ से भर गया था। घायलों को लखनऊ रिफर करने के बाद जिला चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्था सामान्य हुई।
 एडीजी ने की घटना की समीक्षा 
घटना के बाद अपर पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल और पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र सुभाष चन्द्रा लखनऊ से घटनास्थल पहुंचे। अधिकारीद्वय ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की। पुलिस महानिरीक्षक सुभाष चन्द्रा ने घटना को पुरानी रंजिश व प्रतिशोध का परिणाम बताया। उन्होंने कहाकि संत ज्ञानेश्वर की हत्या से यह मामला जुड़ा हुआ है। हमलावर साहिल निवासी नेपाल संत ज्ञानेश्वर के बाराबंकी आश्रम में रहता था। पकड़ा गया हमलावर जयनेन्द्र शर्मा भी संत के आश्रमों से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि इन दोनों को बम कुमारगंज (फैजाबाद) से उपलब्ध कराये गये थे जिसकी जांच की जा रही है। जवाबी हमले में प्रयोग किये गये आग्नेयास्त्रों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहाकि घटनास्थल से 555 बोर के खोखे बरामद हुए हैं। यह खोखे देशी व विदेशी असलहे से प्रयोग किये गये हैं यह अभी नहीं कहा जा सकता है फिलहाल उन्होंने माना कि 555 बोर प्रतिबंधित है। न्यायालय परिसर की सुरक्षा चूक की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहाकि जल्द ही परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त की जायेगी। निकास व प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था दुरुस्त रहे इसके लिए प्रभावी कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने कहाकि प्रयास है कि सभी द्वारों पर सीसी टीवी कैमरे लगाकर आने-जाने वालों की मानीटरिंग की जाये। श्री चन्द्रा ने बताया कि इस सम्बन्ध में आज जनपद सत्र न्यायाधीश डी.एस. त्रिपाठी व वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की गयी। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि दूसरे पक्ष से अभी तक किसी के खिलाफ कोई तहरीर मुकदमा दर्ज कराने बावत नहीं मिली है। पकड़े गये व्यक्ति से पूछताछ जारी है।
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