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नक्सलियों का ‘मददगार’ प्रो. साईंबाबा गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर को माओवादियों के साथ संबंधों के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पिछले 6 महीने में उनसे 4 बार से ज्यादा बार पूछताछ की जा चुकी है। गढ़चिरौली के डीआईजी रवीन्द्र कदम ने बताया कि हमने प्रोफेसर जीएन साईंबाबा को दिल्ली में गिरफ्तार किया। दिल्ली कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद महाराष्ट्र के गढ़चिरौली लाया जाएगा। कदम ने दावा किया कि साईंबाबा को प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) का कथित सदस्य होने, नक्सलियों को साजो-सामान से समर्थन देने और भर्ती में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह दिल्ली यूनिवर्सटी में अंग्रेजी के प्रफेसर हैं। सूत्रों ने बताया कि गढ़चिरौली पुलिस ने उनका कंप्यूटर फॉरेंसिक जांच के लिए पहले ही जब्त कर लिया था। साईंबाबा का नाम उस समय सामने आया, जब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र हेमंत मिश्रा को गिरफ्तार किया गया। उसने जांच एजेंसियों को बताया कि वह छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के जंगलों में छिपे माओवादियों और प्रोफेसर के बीच `कूरियर` का काम करता है। सूत्रों ने बताया कि कंप्यूटर से मिले कुछ दस्तावेज प्रोफेसर को दिखाए गए। उनसे प्रतिबंधित संगठन के कैडरों के साथ संबंधों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का आरोप है कि प्रोफेसर एक संगठन चलाते हैं जो सीपीआई (माओवादी) का मुखौटा संगठन है। हालांकि, साईंबाबा ने इन आरोपों से इनकार किया है।
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