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तरस आता है उद्धव की सोच पर : पवार

मुंबई। राकांपा नेता शरद पवार ने उद्धव ठाकरे की टिप्पणी पर कहा कि उन्हें शिवसेना प्रमुख की सोच पर तरस आता है। वह गैरजिम्मेदार और अपरिपक्व हैं। ठाकरे ने अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना को दिए साक्षात्कार में कहा था कि शरद पवार चुनाव से पहले या चुनाव के बाद राजग का हिस्सा बनना चाहते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया। पवार ने मुंबई में कुछ मराठी चैनलों से बात करते हुए उद्धव के इस बयान को बचकाना ठहराते हुए कहा कि इसीलिए शिवसेना का पतन होता जा रहा है और उनकी पार्टी के नेता उन्हें सम्मान नहीं देते। कोई उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। मैं भी नहीं लेता। मुझे लगता है कि उनका यह बयान साल का सबसे बड़ा चुटकुला है। उद्धव ने कहा था कि मेरे पिता बाला साहब ठाकरे के पवार अच्छे मित्र थे, मेरे नहीं। इसके जवाब में पवार ने कहा कि मैं बाला साहब ठाकरे को करीब से जानता था। वह काफी परिपक्व थे। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने सामना को दिए साक्षात्कार में शरद पवार के साथ-साथ अपने चचेरे भाई राज ठाकरे की भाजपा से नजदीकी पर भी आपत्ति जताई थी। राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी मनसे के 10 उम्मीदवार खड़े किए हैं। इनमें से नौ शिवसेना के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं। राज ने प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को समर्थन देने की घोषणा भी कर रखी है।
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