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क्या संजीव बालियान के सिर ही बंधेगा जीत का सेहरा?

मुजफ्फरनगर (विनय शर्मा)। दंगे के बाद गरमाई सियासत में जाट राजनीति पर भगवा रंग चटख होते देख भाजपा ने जाट बिरादरी के डा. संजीव बालियान को चुनावी दंगल में उतार दिया है। प्रत्याशी की घोषणा होते ही पार्टी कार्यालय पर जश्न का माहौल हो गया। अब तक मुजफ्फरनगर सीट पर राजनीतिक दलों के घोषित प्रत्याशियों में सिर्फ बीजेपी ने ही जाट प्रत्याशी उतारा है। इससे यह उम्मीद की जा रही है कि बालियान की जीत में अब कोई कसर बाकी नहीं रहेगी। यानी उनकी जीत पक्की है, चाहे कोई कोई कुछ भी कर ले। दंगा प्रकरण के बाद वोटों के ध्रुवीकरण को देखते हुए भाजपा में मुजफ्फरनगर सीट पर टिकट मांगने वालों में मारामारी रही। प्रत्याशियों की सूची में मुजफ्फरनगर संसदीय सीट से डा. संजीव बालियान ने टिकट की बाजी मार ली। भाजपा प्रत्याशी की घोषणा होते ही भाजपाइयों के चेहरे खिल उठे। महावीर चौक स्थित कार्यालय पर भाजपाइयों व समर्थकों की भीड़ जुट गई। भाजपाइयों और समर्थकों ने गुलाल लगाकर होली और टिकट की खुशी मनाई। भाजपा प्रत्याशी डा. संजीव बालियान लोस चुनाव लड़ने की तैयारी डेढ़ साल पहले 5 नवंबर 12 को ही शुरू कर दी थी, जिस दिन उन्होंने कुटबी में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी व राजनाथ सिंह, डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की मौजूदगी में भव्य गन्ना किसान महापंचायत आयोजित की। कार्यक्रम से करीब दो साल पहले डा. संजीव बालियान ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। वे छात्र जीवन में विद्यार्थी परिषद से भी जुड़े रहे। कवाल कांड को लेकर भाजपा का जिला बंद के दौरान संजीव बालियान जेल भी गए। दंगे के बाद भी हिंदू समाज की लड़ाई में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
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