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ये आस्था का मामला है...बारिश में भींगकर किया मूर्ति का विसर्जन

गोरखपुर (राजेश कुमार)। यहां 13 अक्टूबर से अभी वर्षा बन्द नहीं हुई है। लगातार वरिश हो रही है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। वर्षा के साथ तेज हवा भी चल रही है। इसमें छाता भी सम्भालना मुसीबत बन गया है। सडकों पर सन्नाटा छाया हुआ है। लोग मजबूर होकर मूर्ति विसर्जित करने के लिए मुर्तियों को प्लास्टिक से बांध कर विसर्जन के लिए ले जा रहे हैं। चूंकि ये आस्था का मामला है। वारिश की वजह से कहीं सुरक्षा व्यवस्था भी नही हैं। राप्ती नदी पर आस्था से उत्प्रेरित लोगों को मां दुर्गा की प्रतिमा की आरती करने के लिए कपूर भी जलाना मुश्किल हो गया है। काफी लोग बिना आरती के ही प्रतिमा विसर्जन कर रहे हैं। मेले में दुकान लगाने वाले दुकानदारो की पूंजी भी फंस गयी है। वर्षा के कारण उनकी दुकानें नहीं लग पाई। उनका सामान जहां-तहां पड़ा हुआ है। काफी लोग मंगलवार को विसर्जन न करके बुधवार को विसर्जन करेंगे। कुछ लोग तो कह रहे हैं कि जब वारिश बन्द होगी तभी विसर्जन किया जायेगा।
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