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भ्रष्टाचारी नेताओं में खत्म हो गई है सोचने-समझने की ताकत

.मनोज भाटिया.
हिन्दुस्तान के नेताओं को भ्रष्टाचार का जंग लगने के कारण देश के नेताओं की सोचने समझने की क्षमता समाप्त हो गयी है और वह चीन द्वारा भारत की सीमा में घुसने का प्रयास करने के बावजूद तथा पाकिस्तान सेना द्वारा सीजफायर का उल्लघंन कर भारतीय सेना पर हमला कर दिया जिसमें भारतीय सेना के पांच जवानों शहीद हो गये जिसको लेकर पूरे देश में रोष व्याप्त है परंतु देश के नेता शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा सीमा सुरक्षा बलों की सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठाने की बजाए खाद्य सुरक्षा बिल को लेकर बहस करने में जुटे है और सीमा पर देश की रक्षा करने वाले जवानों की शहदत भूल गये है और खाद्य सुरक्षा बिल पास करने को अहम मानकर चल रहे है। वहीं दूसरी ओर देश के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने बगैर किसी पुख्ता जानकारी के पाक सैनिकों को बरी करते हुए कहा था कि भारतीय सैनिकों पर हमला पाक जवानों ने नहीं बल्कि उनके वेश में आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया था। रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद संसद में जबर्दस्त हंगामा हुआ था। राज्यसभा में जहां वेंकैया नायडू ने रक्षा मंत्री से जवाब मांगा तो वहीं लोकसभा में सुषमा स्वराज ने रक्षा मंत्री से अपने बयान पर माफी मांगने को कहा। वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के पूंछ सेक्टर में हुए पाकिस्तानी सैनिकों के हमले पर रक्षामंत्री द्वारा दिए गए बयान पर सरकार ने साफ किया की वो माफी नहीं मांगेगी। केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि सदन में एके एंटनी ने बहुत ही साफ बयान दिया है। अभी आर्मी चीफ बिक्रम सिंह घटनास्थल पर गए हैं। वो जो भी जानकारी देंगे, उसे सदन में बताया जाएगा। इतना ही नहीं शुक्ला ने कहा कि मैं बीजेपी की माफी मांगने की मांग से सहमत नहीं हूं। एनडीए सरकार में जब संसद पर हमला हुआ तो क्या बीजेपी ने माफ़ी मांगी थी? बीजेपी इस घटना का राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि पूंछ क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय जवानों की हत्या कर दी गई थी। एंटनी ने संसद में अपने वक्तव्य में कहा था कि हमला करीब 20 आतंकवादी और पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहने लोगों ने किया था। वहीं रक्षा मंत्रलय का कहना था कि हमले में पाकिस्तानी सेना शामिल थी। इधर विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों की हत्या मामले में सरकार को पाकिस्तान के स्पष्टीकरण का इंतजार है। खुर्शीद ने एक टीवी चौनल को बताया कि पाकिस्तान के सफाई देने के बाद ही हमें इस बात का पता चलेगा कि ये कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि चीजें एक दिन में ठीक नहीं होती लेकिन ऐसी घटनाओं से दुख जरूर होता है। आगे बढने से पहले हमें ये देखना होगा कि पाकिस्तान क्या जवाब देता है। कोई फैसला लेने से पहले उसे संसद के सामने रखा जाएगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि सीमा पर भारतीय जवानों की हत्या के मामले में एंटनी का ये बयान पाकिस्तान को क्लीन चिट देने जैसा है। इस मसले पर संसद में हंगामा करने के साथ ही बीजेपी ने कहा है कि एंटनी को माफ़ी मांगनी चाहिए। संसद में चल रहे मानसून सत्र में भी बीजेपी इस मुद्दे पर सवाल उठा रही है। पार्टी ऐसे हालात में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से अलग से द्विपक्षीय वार्ता के पक्ष में नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि वार्ता के लिए ये समय ठीक नहीं है। आडवाणी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार के खिलाफ सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी एंटनी से स्पष्टीकरण चाहती है।
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